बैंकों में नॉन गजटेड पोस्ट पर भर्ती के लिए नई राष्ट्रीय एजेंसी, स्टार्टअप में कर भुगतान बना आसान
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सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नॉन-गजटेड पदों पर भर्तियों को आसान किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताया कि परीक्षार्थियों को कई चरणों में परीक्षा देने की जगह अब एक ही ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। उन्होंने कहा कि हर जिले में टेस्ट सेंटर्स बनाए जाएंगे।
इसके लिए एक नई एजेंसी स्थापित करने का एलान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा, सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नॉन-गजटेड पोस्ट पर भर्तियों के लिए नीतियों में बदलाव होगा। अभी कई चरणों में परीक्षाएं ली जा रही हैं। अब नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) स्थापित करने का प्रस्ताव है।
यह नॉन-गजटेड पदों पर भर्तियों के लिए ऑनलाइन सामान्य दक्षता परीक्षा संचालित करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि नॉन-गजटेड पदों पर भर्तियों के लिए हर जिले में टेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे। इस कार्यक्रम में देश के 112 आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
25 करोड़ के स्टार्टअप को लाभ में कर से 100 फीसदी छूट
बजट में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए युवा कारोबारियों को टैक्स में रियायत दी गई है। वित्त मंत्री के मुताबिक, 25 करोड़ तक के स्टार्टअप को लगातार तीन वर्ष तक कुल लाभ में कर से 100 फीसदी तक छू्ट दी गई है बशर्ते कारोबार 25 करोड़ सालाना से ज्यादा न हो। वहीं, 100 करोड़ तक के टर्नओवर वाले स्टार्टअप को भी कर से लाभ लेने की अवधि सात वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष कर दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों पर कर भुगतान के बोझ को कम करना है। इसके लिए कर भुगतान की नई वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की जाएगी।
शुरुआती वर्षों में स्टार्टअप अत्यंत प्रतिभाशाली कर्मचारियों को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने के लिए आमतौर पर कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ईएसओपी) का प्रयोग करते हैं। ईएसओपी, इन कर्मचारियों की प्रतिभूति के महत्वपूर्ण घटक है। वर्तमान में ईएसओपी निष्पादन के समय पूर्व शर्त के रूप में कर योग्य है। इससे उन कर्मचारियों के लिए नकद प्रवाह की समस्या होती है जो तुरंत अपने शेयर नहीं बेचते हैं और लंबे समय तक शेयर को रखते हैं।
तीसरे स्थान पर भारत
- भारत नई फर्म बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर
- 2014 से 2018 के दौरान नई फर्म की विकास दर में 12.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पहले 3.8 फीसदी थी
- 2018 में करीब 1.24 लाख नई फर्म बनीं
- जिला स्तर पर नई फर्म के रजिस्ट्रेशन में 10 फीसदी का इजाफा दर्ज।
(स्रोत- विश्व बैंक)