स्वास्थ्य बजट में 15 फीसदी तक इजाफा करेगी मोदी सरकार, आयुष्मान भारत योजना को मिलेगा बल
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केंद्र सरकार सरकारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आगामी बजट आवंटन में बड़ा इजाफा करने जा रही है। इस क्षेत्र के कुल बजट में 15 फीसदी यानी करीब आठ हजार करोड़ रुपये प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं समेत अन्य योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए खर्च किए जाएंगे। इसमें आयुष्मान के क्रियान्वयन को बेहतर करने की घोषणा भी शामिल होगी।
स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। नीति आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर गत वर्ष ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार को लेकर रूपरेखा तैयार की थी। सीएचसी और पीएचसी में सुविधा बेहतर करने के अलावा स्वास्थ्य एवं कल्याण सेवा केंद्र के लिए घोषणाएं की जा सकती हैं, जिसमें बेसिक टेस्ट की सुविधा मिलेगी।
सरकारी अस्पतालों के आपातकालीन विभाग होंगे मजबूत
सरकारी अस्पतालों के आपातकालीन विभाग को मजबूत करने की मांग की गई है। इससे जिला अस्पतालों को बड़ी राहत मिलेगी और सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत को भी बल मिलेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले खर्च को साल 2025 तक सकल घरेलू उत्पाद के 1.15 फीसदी से बढ़ाकर 2.25 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है।
आयातित चिकित्सा उपकरणों के दाम कम करने पर होगा जोर
अभी आयातित चिकित्सा उपकरणों की लागत एक चुनौती बनी हुई है। इसके लिए सरकार चिकित्सा उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए घोषणा कर सकती है, जिससे आर्थिक बोझ कम होने का फायदा सीधे तौर पर मरीजों को मिलेगा। सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 20 फीसदी से ज्यादा बजट बढ़ाए जाने की मांग की गई है, लेकिन बजटीय आवंटन में 15 फीसदी का इजाफा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 52800 करोड़ रुपये का आवंटन किया था।