{"_id":"5c45e879bdec2273724c3d95","slug":"btech-student-created-amazing-software","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीटेक छात्र ने बनाया अद्भुत सॉफ्टवेयर, बिना सैनिक दुश्मनों का खात्मा करेंगे युद्धक टैंक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बीटेक छात्र ने बनाया अद्भुत सॉफ्टवेयर, बिना सैनिक दुश्मनों का खात्मा करेंगे युद्धक टैंक
Mon, 21 Jan 2019 09:12 PM IST
Amit Sharma
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: Amit Sharma
Updated Mon, 21 Jan 2019 09:12 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयपुर के एक बीटेक छात्र अमन कुंतल ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है जिसके माध्यम से सेना के टैंक बिना किसी ड्राइवर सैनिक के दुश्मनों का खात्मा करेंगे। टैंक दुश्मनों के इलाके में बिना किसी सैनिक की सहायता के घुसकर उनको तबाह करके सुरक्षित वापस भी आ जाएंगे और उन्हें किसी तरह का नुकसान भी नहीं होगा।
अगर बीच में किसी तरह उनके ऊपर हमला करने की कोशिश की गई तो वे अपनी सुरक्षा भी कर सकेंगे। अगर ये टैंक अस्तित्व में आ जाता है तो देश की सुरक्षा का एक बड़ा मसला हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। फिलहाल, सेना से इस सॉफ्टवेयर को बनाने वाले छात्र अमन को मदद दिये जाने का आश्वासन मिला है।
जयपुर के एसकेआईटी कॉलेज से बीटेक प्रथम वर्ष (आईटी) की पढ़ाई कर रहे अमन कुंतल ने अमर उजाला को बताया कि जब वे नवीं कक्षा में थे, उसी समय से वे इस मामले पर रिसर्च कर रहे थे। अब उन्होंने ऐसा सॉफ्टवेयर बना लिया है जो देश की सेनाओं के काम आ सकता है।
विज्ञापन
सेनाध्यक्ष को लिखा मेल
अमन ने कहा कि उनका यह रिसर्च कुछ दिनों पहले ही पूरा हुआ है। इसके बाद इसी महीने सात जनवरी को सेनाध्यक्ष विपिन रावत को इसके बारे में ईमेल लिखकर जानकारी दी थी। इसके बाद आर्मी डिजाइन ब्यूरो ने उनसे संपर्क किया और उनसे अपना प्रोजेक्ट दिखाने को कहा। अमन के मुताबिक ब्यूरो ने उनके इस प्रोजेक्ट की सराहना की है और उन्हें इसका एक मॉडल दिखाने के लिए कहा है।
अमन के सामने सबसे बड़ी समस्या एक टैंक के मॉडल को तैयार करने की है। जाहिर है कि इसकी कीमत काफी अधिक होगी जिसे वहन करना अकेले उनके वश की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
मध्यवर्गीय परिवार से हैं अमन
अमन कुंतल एक मध्यवर्गीय परिवार से आते हैं। वे मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता मेहताब सिंह एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव हैं। सामान्य परिवार में पैदा हुए अमन का सपना एक वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा करना है।
विज्ञापन
अगर बीच में किसी तरह उनके ऊपर हमला करने की कोशिश की गई तो वे अपनी सुरक्षा भी कर सकेंगे। अगर ये टैंक अस्तित्व में आ जाता है तो देश की सुरक्षा का एक बड़ा मसला हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। फिलहाल, सेना से इस सॉफ्टवेयर को बनाने वाले छात्र अमन को मदद दिये जाने का आश्वासन मिला है।
विज्ञापन
जयपुर के एसकेआईटी कॉलेज से बीटेक प्रथम वर्ष (आईटी) की पढ़ाई कर रहे अमन कुंतल ने अमर उजाला को बताया कि जब वे नवीं कक्षा में थे, उसी समय से वे इस मामले पर रिसर्च कर रहे थे। अब उन्होंने ऐसा सॉफ्टवेयर बना लिया है जो देश की सेनाओं के काम आ सकता है।
विज्ञापन
सेनाध्यक्ष को लिखा मेल
अमन ने कहा कि उनका यह रिसर्च कुछ दिनों पहले ही पूरा हुआ है। इसके बाद इसी महीने सात जनवरी को सेनाध्यक्ष विपिन रावत को इसके बारे में ईमेल लिखकर जानकारी दी थी। इसके बाद आर्मी डिजाइन ब्यूरो ने उनसे संपर्क किया और उनसे अपना प्रोजेक्ट दिखाने को कहा। अमन के मुताबिक ब्यूरो ने उनके इस प्रोजेक्ट की सराहना की है और उन्हें इसका एक मॉडल दिखाने के लिए कहा है।
अमन के सामने सबसे बड़ी समस्या एक टैंक के मॉडल को तैयार करने की है। जाहिर है कि इसकी कीमत काफी अधिक होगी जिसे वहन करना अकेले उनके वश की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
मध्यवर्गीय परिवार से हैं अमन
अमन कुंतल एक मध्यवर्गीय परिवार से आते हैं। वे मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता मेहताब सिंह एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव हैं। सामान्य परिवार में पैदा हुए अमन का सपना एक वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा करना है।