Telangana: '1.5 लाख करोड़ का कर्ज और एक भी वादा पूरा नहीं', बीआरएस नेता कविता ने रेवंत रेड्डी का किया घेराव
बीआरएस नेता कलवकुंतला कविता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बेतहाशा उधारी लेकर और चुनावी वादों को पूरा न करके तेलंगाना को वित्तीय संकट में डाल दिया है।
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भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता कलवकुंतला कविता ने सोमवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बेतहाशा उधारी लेकर और चुनावी वादों को पूरा न करके तेलंगाना को वित्तीय संकट में डाल दिया है।
कविता ने तेलंगाना भवन में मीडिया को संबोधित किया। जहां उन्होंने कहा कि महज 15 महीनों में कांग्रेस सरकार ने 1.52 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज लिया है, लेकिन सरकार ने अपने चुनावी वादों में से एक भी प्रमुख कल्याणकारी योजना को लागू नहीं किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह सभी लिए गए ऋणों और उनके उपयोग का विस्तृत विवरण देते हुए एक श्वेत पत्र जारी करे।
कविता का कांग्रेस सरकार पर आरोप
कविता ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि तेलंगाना सरकार ने महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह, दुल्हनों को 10 ग्राम सोना, युवतियों को इलेक्ट्रिक स्कूटर और किसानों को कर्ज माफी और बोनस देने का वादा किया था, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों को छोड़ दिया गया है, जबकि बड़े ठेकेदारों को भुगतान निर्बाध रूप से जारी है।
सीएम के दावों का का खंडन
कविता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के वित्तीय संकट के दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना हर महीने 18,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित करता है, जबकि लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, और राज्य के पास एक स्वस्थ अधिशेष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य 500 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय नहीं वहन कर सकता, जबकि तेलंगाना हर महीने लगभग 3,000 करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे पर खर्च करता है।
समाजिक जागरूकता की कमी का लगाया आरोप
कविता ने कांग्रेस सरकार पर सामाजिक जागरूकता, दूरदर्शिता और लोगों की सेवा करने की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 420 वादे किए, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया। 1.5 लाख करोड़ रुपये गायब हो गए और सार्वजनिक लाभ का कोई निशान नहीं मिला। साथ ही बीआरएस नेता ने अंत में वित्तीय पारदर्शिता की मांग करते हुए कांग्रेस शासन से तत्काल जवाबदेही की अपील की और चेतावनी दी कि तेलंगाना के लोग इस विश्वासघात को माफ नहीं करेंगे।