UK-India: ब्रिटिश विदेश मंत्री लैमी PM मोदी, विदेश मंत्री और NSA डोभाल से मिले, द्विपक्षीय बैठक में अहम बातचीत
ब्रिटिश विदेश मंत्री लैमी ने भारत दौरे पर पीएम मोदी, विदेश मंत्री डॉ जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) डोभाल से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
विस्तार
ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड लैमी भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। दोनों पक्षों के बीच यूके-भारत प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल (टीएसआई) का शुभारंभ करने की सहमति बनी है। दोनों देशों ने इसका स्वागत किया है। इसका नेतृत्व दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) ने किया। दोनों देशों के बीच इस पर सहमति बनी कि दूरसंचार, महत्वपूर्ण खनिज, अर्धचालक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम, बायोटेक और उन्नत सामग्री सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों (सीईटी) में सहयोग का विस्तार की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
UK Foreign Secretary had bilateral meetings with the Prime Minister, Minister of External Affairs and National Security Advisor of India, in New Delhi. Both sides welcomed the launch of the UK-India Technology Security Initiative (TSI), spearheaded and agreed upon by the National… pic.twitter.com/TAM0tx6zD4
— ANI (@ANI) July 24, 2024विज्ञापन
दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के बीच अहम मुद्दों पर बातचीत
लैमी की यात्रा के संबंध में जारी एक बयान के मुताबिक उनके और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच लंबे समय से लंबित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों पर भारत की चिंताओं के संबंध में चर्चा हुई। इसके अलावा, दोनों के बीच रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति सहित गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी क्या बोले
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने कहा, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी से मिलकर खुशी हुई। व्यापक रणनीतिक साझेदारी को व्यापक और गहरा बनाने के लिए प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की प्राथमिकता सराहने योग्य है। उन्होंने कहा, 'हम संबंधों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल और पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए को संपन्न करने की इच्छा का स्वागत करते हैं।'
A pleasure to meet UK FS @DavidLammy. Appreciate the priority accorded by PM @Keir_Starmer to broaden and deepen the Comprehensive Strategic Partnership. Remain committed to elevating the ties. Welcome the bilateral Technology Security Initiative and the desire to conclude a… pic.twitter.com/7bGWZuJlOk
— Narendra Modi (@narendramodi) July 24, 2024
विदेश मंत्रालय ने पोस्ट करते हुए कहा, "पदभार ग्रहण करने के बाद ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी का नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत। उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी। इसके साथ ही भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों के पुल को मजबूत करेगा।" बता दें कि ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की लेबर सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों पक्षों के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बातचीत होगी।
ब्रिटिश विदेश मंत्री का वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मिलने का कार्यक्रम है, जिसके दौरान दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्ष पहले ही लगभग 90 प्रतिशत व्यापार समझौते पर सहमत हो चुके हैं, लेकिन शेष 10 प्रतिशत में ऑटोमोबाइल और स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क और व्यापारिक लोगों के लिए वीजा जैसे कई पेचीदा मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, दोनों पक्ष जल्द से जल्द वार्ता समाप्त करने के लिए तैयार हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम स्टार्मर के बीच छह जुलाई को फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच एफटीए का मुद्दा उठा था। भारत सरकार के एक रीडआउट में कहा गया है कि दोनों नेता पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए। पीएम मोदी से फोन पर बातचीत के बाद यूके सरकार ने एक बयान जारी किया, जिसमें पीएम स्टार्मर ने कहा कि वह एक ऐसे समझौते को समाप्त करने के लिए तैयार हैं जो दोनों पक्षों के लिए काम करेगा।
विदेश मंत्री जयशंकर और ब्रिटिश विदेश मंत्री लैमी के बीच बातचीत के दौरान भारत-ब्रिटेन रोडमैप के कार्यान्वयन की समीक्षा करने की उम्मीद है, जो कई क्षेत्रों में संबंधों को व्यापक आधार देना चाहते हैं। 2021 में, भारत और यूके ने व्यापार और अर्थव्यवस्था, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और लोगों से लोगों के बीच कनेक्शन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संबंधों का विस्तार करने के लिए 10-वर्षीय रोडमैप अपनाया।