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सॉफ्टवेयर सर्विस धोखाधड़ी अपराधों से मिलकर निपट रहे हैं ब्रिटेन और भारत
Mon, 05 Oct 2020 01:20 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 05 Oct 2020 01:20 AM IST
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भारत और ब्रिटेन
- फोटो : ANI
ब्रिटेन और भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सर्विस धोखाधड़ी अपराधों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया। इसके तहत भारत में छह शहरों में 10 संदिग्ध ठिकानों पर छापा मारा गया। यह जानकारी ब्रिटिश अधिकारियों ने दी। ब्रिटेन में धोखाधड़ी की जांच करने वाली अहम एजेंसी लंदन पुलिस और भारत की सीबीआई ने इस हफ्ते खुलासा किया था कि इन कंपनियों ने ब्रिटिश नागरिकों के साथ धोखाधड़ी की।
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लंदन पुलिस ने अहम गवाहों के बयान, संबंधित कंपनियों के साथ पीड़ितों की बातचीत की जानकारी और सुबूत सीबीआई को मुहैया कराए ताकि धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। लंदन पुलिस के अस्थायी डिटेक्टिव मुख्य अधीक्षक एलेक्स रॉथवेल ने कहा कि सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई का हम स्वागत करते हैं और भारतीय अदालत में अपराधियों को दंडित कराने में एजेंसी की कोशिशों में पूरी मदद करेंगे।
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भारत में लॉकडाउन के वक्त, हमने ब्रिटेन में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सर्विस धोखाधड़ी की रिपोर्ट में तेजी से गिरावट देखी थी लेकिन हमें पता था कि अपराधी लोगों से धोखाधड़ी करने के लिए फिर से सक्रिय होंगे। ज्यादातर लोग घर से काम कर रहे हैं, ऐसे में इस तरह की धोखाधड़ी को रोकना तत्काल जरूरी था।
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पॉप-अप संदेश भेजकर बनाते थे निशाना
धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां पीड़ित के कंप्यूटर पर पॉप-अप संदेश भेजकर उनके डिवाइस में गंभीर तकनीकी समस्या की चेतावनी देते थे। साथ ही कंप्यूटर में मालवेयर होने की बात कहते थे। पीड़ितों को मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने की सलाह देते थे और समस्या को दूर करने के लिए बहुत ज्यादा शुल्क वसूलते थे। पीड़ित इस शुल्क का ऑनलाइन या फिर फोन के जरिए भुगतान करते थे। इससे पीड़ितों के वित्तीय जानकारी अपराधियों को मिल जाती थी।
सितंबर में सीबीआई ने की थी कार्रवाई
सीबीआई ने 17 सितंबर को छह शहरों में 10 ठिकानों पर छापा मारा था। संदिग्ध कंपनियों से जुड़े कुछ लोगों के घरों पर भी कार्रवाई की गई थी। लंदन पुलिस के अनुसार, सीबीआई की जांच इस मामले में अभी चल रही है।
88 लोग अब तक गिरफ्तार
लंदन पुलिस, अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट और भारतीय पुलिस मिलकर ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, अब तक 37 कॉल सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और परिणामस्वरूप 88 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।