{"_id":"6a59115fc588f2b4080604b2","slug":"breach-at-kudankulam-nuclear-power-plant-doesn-t-involve-leak-of-sensitive-data-jitendra-singh-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"परमाणु संयंत्र के डाटा लीक का सच क्या?: 'कोई भी संवेदनशील जानकारी नहीं', हैकर्स के दावे पर सरकार ने क्या कहा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
परमाणु संयंत्र के डाटा लीक का सच क्या?: 'कोई भी संवेदनशील जानकारी नहीं', हैकर्स के दावे पर सरकार ने क्या कहा?
Thu, 16 Jul 2026 10:44 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:44 PM IST
सार
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र से जुड़े डेटा लीक के दावे पर सरकार ने कहा कि कोई भी संवेदनशील जानकारी बाहर नहीं गई है। हैकिंग में सामने आया डेटा केवल सामान्य कामकाज से जुड़े दस्तावेजों का था, परमाणु सुरक्षा से इसका कोई संबंध नहीं है। बड़ी संख्या में फाइलों तक पहुंच बनाने के हैकर्स के दावे के बाद एनपीसीआईएल ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (केकेएनपीपी) से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक फाइलों में डाटा सेंधमारी के मामले पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि कोई भी संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है। मंत्री ने कहा कि इस मामले में तुरंत समीक्षा करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सेंधमारी परमाणु सुरक्षा या परमाणु संयंत्र से जुड़ी नहीं है।
लीक हुआ डाटा किससे जुड़ा था?
जितेंद्र सिंह का यह बयान केकेएनपीपी का संचालन करने वाली कंपनी भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के बयान के एक दिन बाद आया है। एनपीसीआईएल ने कहा था कि लीक हुआ डाटा केवल संयंत्र के इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) अनुबंध से जुड़ा था। यह अनुबंध सामान्य सेवाओं यानी बैलेंस ऑफ प्लांट (बीओपी) पैकेज से संबंधित है।
इस अनुबंध में क्या-क्या शामिल है?
एनपीसीआईएल ने कहा कि इस अनुबंध में सामान्य सेवा सुविधाओं की इंजीनियरिंग, खरीद या आपूर्ति, निर्माण और उन्हें चालू करने का काम शामिल है। ये सुविधाएं सामान्य प्रकार की हैं और आमतौर पर ताप बिजली संयंत्रों तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी पाई जाती हैं। यह अनुबंध 2018 में सार्वजनिक निविदा प्रक्रिया के जरिये रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया गया था।
विज्ञापन
कुडनकुलम संयंत्र कितना बड़ा है?
कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में रूस के साथ तकनीकी सहयोग से बनाए गए वीवीईआर डिजाइन के छह दबावयुक्त जल रिएक्टर शामिल हैं। इनमें से पहले दो यूनिट यानी केकेएनपीपी यूनिट-1 और 2 पहले से काम कर रही हैं। वहीं, यूनिट-3 और 4 का निर्माण अभी जारी है और इनके 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: Construction Crane Collapse: मुंबई में निर्माण क्रेन गिरने से एक की मौत, कई वाहन दबे; बचाव अभियान जारी
हैकर्स ने किन फाइलों तक बनाई पहुंच?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैनसमवेयर समूह वर्ल्ड लीक्स ने 2016 से 2025 के मध्य तक की 19 हजार से ज्यादा बेहद संवेदनशील दस्तावेजों तक पहुंच बनाई है। इन दस्तावेजों में केकेएनपीपी की इंजीनियरिंग डिजाइन से जुड़ी जानकारियां, नियंत्रण, कूलिंग और वेंटिलेशन सिस्टम से संबंधित दस्तावेज, उपकरणों की आपूर्ति करने वाले विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं की सूची तथा बैठकों से जुड़ी परिचालन फाइलें शामिल हैं।
एनपीसीआईएल ने क्या सफाई दी?
एनपीसीआईएल ने अपने बयान में कहा, एनपीसीआईएल दोहराता है कि सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध होने का दावा की गई जानकारी केवल सामान्य बैलेंस ऑफ प्लांट (बीओपी) सुविधाओं से संबंधित है। इसका परमाणु सुरक्षा या परमाणु सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रणाली या जानकारी से कोई संबंध नहीं है।
विज्ञापन
लीक हुआ डाटा किससे जुड़ा था?
जितेंद्र सिंह का यह बयान केकेएनपीपी का संचालन करने वाली कंपनी भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के बयान के एक दिन बाद आया है। एनपीसीआईएल ने कहा था कि लीक हुआ डाटा केवल संयंत्र के इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) अनुबंध से जुड़ा था। यह अनुबंध सामान्य सेवाओं यानी बैलेंस ऑफ प्लांट (बीओपी) पैकेज से संबंधित है।
विज्ञापन
इस अनुबंध में क्या-क्या शामिल है?
एनपीसीआईएल ने कहा कि इस अनुबंध में सामान्य सेवा सुविधाओं की इंजीनियरिंग, खरीद या आपूर्ति, निर्माण और उन्हें चालू करने का काम शामिल है। ये सुविधाएं सामान्य प्रकार की हैं और आमतौर पर ताप बिजली संयंत्रों तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी पाई जाती हैं। यह अनुबंध 2018 में सार्वजनिक निविदा प्रक्रिया के जरिये रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया गया था।
विज्ञापन
कुडनकुलम संयंत्र कितना बड़ा है?
कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में रूस के साथ तकनीकी सहयोग से बनाए गए वीवीईआर डिजाइन के छह दबावयुक्त जल रिएक्टर शामिल हैं। इनमें से पहले दो यूनिट यानी केकेएनपीपी यूनिट-1 और 2 पहले से काम कर रही हैं। वहीं, यूनिट-3 और 4 का निर्माण अभी जारी है और इनके 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: Construction Crane Collapse: मुंबई में निर्माण क्रेन गिरने से एक की मौत, कई वाहन दबे; बचाव अभियान जारी
हैकर्स ने किन फाइलों तक बनाई पहुंच?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैनसमवेयर समूह वर्ल्ड लीक्स ने 2016 से 2025 के मध्य तक की 19 हजार से ज्यादा बेहद संवेदनशील दस्तावेजों तक पहुंच बनाई है। इन दस्तावेजों में केकेएनपीपी की इंजीनियरिंग डिजाइन से जुड़ी जानकारियां, नियंत्रण, कूलिंग और वेंटिलेशन सिस्टम से संबंधित दस्तावेज, उपकरणों की आपूर्ति करने वाले विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं की सूची तथा बैठकों से जुड़ी परिचालन फाइलें शामिल हैं।
एनपीसीआईएल ने क्या सफाई दी?
एनपीसीआईएल ने अपने बयान में कहा, एनपीसीआईएल दोहराता है कि सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध होने का दावा की गई जानकारी केवल सामान्य बैलेंस ऑफ प्लांट (बीओपी) सुविधाओं से संबंधित है। इसका परमाणु सुरक्षा या परमाणु सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रणाली या जानकारी से कोई संबंध नहीं है।