Brahmos Deal: फिलीपींस के साथ सौदे के बाद बोले ब्रह्मोस प्रमुख, बेहतर रक्षा निर्यात के लिए तैयार होगी राह
भारत ने शुक्रवार को ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए फिलीपींस के साथ पहले निर्यात सौदे पर दस्तखत कर दिए। फिलीपींस के रक्षा मंत्रालय ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (बीएपीएल) के साथ इस मिसाइल की आपूर्ति के लिए 37.4 करोड़ डॉलर के समझौते पर पर हस्ताक्षर किए हैं।
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भारत ने हाल ही में फिलीपींस के साथ 37.5 करोड़ डॉलर (लगभग 2812 करोड़ रुपये) का ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सौदा किया है। शुक्रवार को इस मिसाइल का निर्माण करने वाली कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अतुल डी राणे ने कहा कि यह सौदा भारत के लिए विभिन्न नई निर्यात परियोजनाओं के लिए रास्ते तैयार करेगा।
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में राणे ने कहा कि ब्रह्मोस के साथ यह सौदा भारत के लिए किसी देश को पूरी और प्रमुख हथियार प्रणाली की आपूर्ति के मामले में पहला है। उन्होंने कहा, 'यह एक पूर्ण और प्रमुख हथियार प्रणाली के लिए पहला निर्यात सौदा है जिस पर भारत ने हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐसे कई अन्य सौदों के लिए पथ प्रशस्त करता है। '
राणे ने कहा कि यह भारत के लिए एक बहुत अच्छा सौदा है और दक्षिण पूर्व एशियाई देश फिलीपींस ने इस सौदे के लिए ब्रह्मोस को पहली पसंद चुना है। यह दिखाता है कि ब्रह्मोस उनके लिए महत्वपूर्ण है लेकिन उनके लिए हमारे पास और भी बहुत कुछ है। उन्होंने कहा कि कई देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल में रुचि दिखाई है और हम इस ओर काम कर रहे हैं।
भारत में बन रहे रक्षा उपकरणों के लिए निर्यात के दरवाजे खुले
इस सौदे के बाद भारत की संभावनाओं के बारे में सवाल पर ब्रह्मोस प्रमुख ने कहा कि यह ब्रह्मोस और अन्य वस्तुओं के साथ उन सभी रक्षा उपकरणों के लिए दरवाजे खोलता है जो भारत में बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने अनुसंधान और विकास पर बहुत काम किया है। उद्योग भी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे में इन सभी में क्षमता है कि ये न केवल फिलीपींस बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में निर्यात कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एक रक्षा सौदा करना आसान काम नहीं हैं और भारत सरकार के सहयोग के साथ हम उन देशों को ब्रह्मोस का निर्यात करेंगे जिनके लिए वह हमें अनुमति देगी।