{"_id":"6304eecc0fbdf3704e10e7e6","slug":"border-security-force-personnel-rescue-bangladeshi-fishermen","type":"story","status":"publish","title_hn":"BSF: हरिगंगा में डूब रहे थे बांग्लादेशी मछुआरे, देवदूत बनकर आए सीमा सुरक्षा बल के जवान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BSF: हरिगंगा में डूब रहे थे बांग्लादेशी मछुआरे, देवदूत बनकर आए सीमा सुरक्षा बल के जवान
Tue, 23 Aug 2022 08:44 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 23 Aug 2022 08:44 PM IST
सार
बीएसएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जवानों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर भोजन और अपने कपड़े दिए। बचाए गए मछुआरों की पहचान बांग्लादेश के 50 वर्षीय एम.डी. हनीफ मौला और 21 वर्षीय मोहम्मद सलीम होल्डर के रूप में हुई है।
विज्ञापन
बीएसएफ के जवानों ने बांग्लादेशी मछुआरों को बचाया
- फोटो : BSF/Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण बंगाल सीमांत की समशेरनगर चौकी के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवानों ने देवदूत बनकर दो बांग्लादेशी मछुआरों की जान बचाई। नाव पलटने के बाद मछुआरे हरिगंगा नदी में डूबने वाले थे कि बीएसएफ के 118वीं वाहिनी के जवानों ने उन्हें बचा लिया।
ड्यूटी पर तैनात जवानों ने बताया कि ये मछुआरे अपने अन्य साथियों के साथ सुंदरबन क्षेत्र की हरिभंगा नदी में नाव के सहारे मछली पकड़ हे थे। अचानक खराब मौसम की वजह से उनकी नाव पलट गई। उसी समय ड्यूटी पर तैनात जवानों ने भारतीय मछुआरों की मदद से दोनों मछुआरों को अपनी जान की बाजी लगाकर बचाया। बाद में बचाये गए मछुआरों को मानवीयता और सद्भावना के चलते बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश को सौंप दिया गया।
बीएसएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जवानों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर भोजन और अपने कपड़े दिए। बचाए गए मछुआरों की पहचान बांग्लादेश के 50 वर्षीय एम.डी. हनीफ मौला और 21 वर्षीय मोहम्मद सलीम होल्डर के रूप में हुई है।
विज्ञापन
118वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर आर.के. त्रिपाठी ने जवानों के इस सराहनीय कार्य पर खुशी जताई और कहा कि बीएसएफ सीमा पर होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के साथ-साथ सीमावासियों के हर सुख-दुख में साथ रहती है। उन्होंने आगे बताया कि बीएसएफ सीमावासियों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहती है फिर चाहे वो कोरोना काल हो या साधारण परिस्थिति हो।
बांग्लादेश को सौंपे 32 मछुआरे
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मंगलवार को अपने बांग्लादेशी समकक्ष को सुरक्षित बचाए गए 32 मछुआरों को सौंपा, जिनकी नौकाएं खराब मौसम में बंगाल की खाड़ी में पलट गई थीं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इनमें से 27 को आईसीजी ने बचाया, जबकि पांच को भारतीय मछुआरों ने सुरक्षित पानी से बाहर निकाला था।
आईसीजी के अधिकारी ने कहा, 'भारतीय तटरक्षक बल ने दोनों तटरक्षकों के बीच मौजूदा समझौता ज्ञापन के अनुसार 23 अगस्त की सुबह तड़के 32 बचाए गए बांग्लादेशी मछुआरों को बांग्लादेश तटरक्षक को सौंप दिया।'
उन्होंने कहा कि आईसीजी जहाज 'वरद' ने उन्हें भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर बांग्लादेश तटरक्षक बल के जहाज 'ताजुद्दीन' को सौंप दिया।
मछुआरों को सुक्षित बचाने के लिए बांग्लादेश समकक्ष ने आईसीजी को धन्यवाद दिया। इन मछुआरों को खराब मौसम के दौरान उनकी नावों के पलट जाने के बाद बंगाल की खाड़ी से बचाया गया था। इनमें से ज्यादातर समुद्र में तैरते हुए पाए गए थे।
लगभग 24 घंटे तक समुद्र की लहरों से संघर्ष के बाद 20 अगस्त को उन्हें आईसीजी जहाजों और विमानों द्वारा देखा गया था।
अधिकारी ने कहा कि मछुआरे बेहद सदमे की स्थिति में थे। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और आईसीजी द्वारा भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया।
अवैध शिकार के आरोप में दस भारतीय मछुआरे गिरफ्तार
श्रीलंकाई नौसेना ने अपने जल क्षेत्र में कथित रूप से अवैध शिकार करने के आरोप में 10 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है और उनके ट्रॉलर जब्त किए हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
मछुआरों को सोमवार को मुल्लैथिवु के पूर्वोत्तर तट से गिरफ्तार किया गया। बयान में कहा गया कि नौसेना के एक फास्ट अटैक क्राफ्ट ने भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार करने से पहले उनका पीछा किया था।
नौसेना ने कहा कि उन्हें त्रिंकोमाली के पूर्वी बंदरगाह पर लाया गया और आगे की कार्रवाई के लिए त्रिंकोमाली के मत्स्य पालन निरीक्षणालय को सौंप दिया गया।
हाल के वर्षों में श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा कथित रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा को पार करने और श्रीलंकाई जल क्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में कई भारतीय मछुआरों को पकड़ा गया।
विज्ञापन
ड्यूटी पर तैनात जवानों ने बताया कि ये मछुआरे अपने अन्य साथियों के साथ सुंदरबन क्षेत्र की हरिभंगा नदी में नाव के सहारे मछली पकड़ हे थे। अचानक खराब मौसम की वजह से उनकी नाव पलट गई। उसी समय ड्यूटी पर तैनात जवानों ने भारतीय मछुआरों की मदद से दोनों मछुआरों को अपनी जान की बाजी लगाकर बचाया। बाद में बचाये गए मछुआरों को मानवीयता और सद्भावना के चलते बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
बीएसएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जवानों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर भोजन और अपने कपड़े दिए। बचाए गए मछुआरों की पहचान बांग्लादेश के 50 वर्षीय एम.डी. हनीफ मौला और 21 वर्षीय मोहम्मद सलीम होल्डर के रूप में हुई है।
विज्ञापन
118वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर आर.के. त्रिपाठी ने जवानों के इस सराहनीय कार्य पर खुशी जताई और कहा कि बीएसएफ सीमा पर होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के साथ-साथ सीमावासियों के हर सुख-दुख में साथ रहती है। उन्होंने आगे बताया कि बीएसएफ सीमावासियों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहती है फिर चाहे वो कोरोना काल हो या साधारण परिस्थिति हो।
बांग्लादेश को सौंपे 32 मछुआरे
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मंगलवार को अपने बांग्लादेशी समकक्ष को सुरक्षित बचाए गए 32 मछुआरों को सौंपा, जिनकी नौकाएं खराब मौसम में बंगाल की खाड़ी में पलट गई थीं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इनमें से 27 को आईसीजी ने बचाया, जबकि पांच को भारतीय मछुआरों ने सुरक्षित पानी से बाहर निकाला था।
आईसीजी के अधिकारी ने कहा, 'भारतीय तटरक्षक बल ने दोनों तटरक्षकों के बीच मौजूदा समझौता ज्ञापन के अनुसार 23 अगस्त की सुबह तड़के 32 बचाए गए बांग्लादेशी मछुआरों को बांग्लादेश तटरक्षक को सौंप दिया।'
उन्होंने कहा कि आईसीजी जहाज 'वरद' ने उन्हें भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर बांग्लादेश तटरक्षक बल के जहाज 'ताजुद्दीन' को सौंप दिया।
मछुआरों को सुक्षित बचाने के लिए बांग्लादेश समकक्ष ने आईसीजी को धन्यवाद दिया। इन मछुआरों को खराब मौसम के दौरान उनकी नावों के पलट जाने के बाद बंगाल की खाड़ी से बचाया गया था। इनमें से ज्यादातर समुद्र में तैरते हुए पाए गए थे।
लगभग 24 घंटे तक समुद्र की लहरों से संघर्ष के बाद 20 अगस्त को उन्हें आईसीजी जहाजों और विमानों द्वारा देखा गया था।
अधिकारी ने कहा कि मछुआरे बेहद सदमे की स्थिति में थे। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और आईसीजी द्वारा भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया।
अवैध शिकार के आरोप में दस भारतीय मछुआरे गिरफ्तार
श्रीलंकाई नौसेना ने अपने जल क्षेत्र में कथित रूप से अवैध शिकार करने के आरोप में 10 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है और उनके ट्रॉलर जब्त किए हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
मछुआरों को सोमवार को मुल्लैथिवु के पूर्वोत्तर तट से गिरफ्तार किया गया। बयान में कहा गया कि नौसेना के एक फास्ट अटैक क्राफ्ट ने भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार करने से पहले उनका पीछा किया था।
नौसेना ने कहा कि उन्हें त्रिंकोमाली के पूर्वी बंदरगाह पर लाया गया और आगे की कार्रवाई के लिए त्रिंकोमाली के मत्स्य पालन निरीक्षणालय को सौंप दिया गया।
हाल के वर्षों में श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा कथित रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा को पार करने और श्रीलंकाई जल क्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में कई भारतीय मछुआरों को पकड़ा गया।