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बॉम्बे हाईकोर्ट: जन स्वास्थ्य की जिम्मेदारी राज्य सरकार की, गड़बड़ी दूर करने के लिए करे उचित कार्रवाई

Sun, 30 May 2021 02:32 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, औरंगाबाद।
एजेंसी, औरंगाबाद। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 30 May 2021 02:32 AM IST
सार

  • वेंटिलेटरों को दुरुस्त कराने का निर्देश, 2 जून को अगली सुनवाई 
  • पीठ ने कोरोना के इलाज और प्रबंधन पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह राय जाहिर की
 

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Bombay High Court says the responsibility of public health of state government
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने कहा कि जन स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होती है और राज्य में चलने वाले सभी अस्पतालों की जिम्मेदारी भी सरकार की होती है। इसलिए राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी समझे और उसके अनुसार कार्रवाई करे।

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 कोर्ट के संज्ञान में आया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से औरंगाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल को मिले 113 वेंटिलेटर काम नहीं कर रहे हैं। उनमें कई तरह की गड़बड़ियां हैं।
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इस मामले में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कोर्ट ने कहा कि केंद्र की जिम्मेदारी बनती है कि वह वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनियों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय स्थापित करे, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके चलते महामारी के समय में मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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मामले में औरंगाबाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने हाईकोर्ट के समक्ष इस पर रिपोर्ट पेश की है। पीठ ने कहा, संविधान के अनुसार जन स्वास्थ्य की देखभाल राज्य का विषय है। इसलिए इस तरह की लापरवाही के मामले में राज्य सरकार विधि अनुरूप कार्रवाई के लिए सक्षम है। राज्य सरकार अपने उन्हीं अधिकारों का इस्तेमाल कर वेंटिलेटर को दुरुस्त करे। 

सरकारी वकील के दलील पर जताई नाराजगी 
 सुनवाई में केंद्र  सरकार की ओर से पेश सहायक महाधिवक्ता अजय जी तलहर ने वेंटिलेटर न चला पाने के लिए अस्पताल कर्मियों को दोषी बताया। कहा कि उनमें तकनीक जानकारी की कमी है जिसके चलते  वेंटिलेटर नहीं चला पा रहे हैं।


इस पर पीठ ने सख्त आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह का दोषारोपण करके जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। पीठ ने दो जून को अगली सुनवाई तक कंपनी से संपर्क कर वेंटिलेटरों को दोषमुक्त कराने का निर्देश दिया।

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