फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bombay high court says No steps taken by authorities to raise awareness among citizens about deleterious AQI

Bombay High Court: AQI जागरूकता में ढीले रवैये पर बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज, कहा- अधिकारियों ने नहीं उठाए सख्त कदम

Wed, 01 Nov 2023 08:27 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: आदर्श शर्मा Updated Wed, 01 Nov 2023 08:27 PM IST
सार

एयर क्वालिटी इंडेक्स की जागरूकता को लेकर अधिकारियों के ढीले रवैये पर बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, अधिकारियों ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। 

विज्ञापन
Bombay high court says No steps taken by authorities to raise awareness among citizens about deleterious AQI
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रदूषण के मुद्दे पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त तेवर दिखाएं हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक के हानिकारक स्तरों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए अधिकारियों के ढीले रवैये पर हाईकोर्ट नाराज है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा, अधिकारियों ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया है। 
विज्ञापन


पीठ ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी), महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को नोटिस जारी किया। साथ ही कहा कि ये बताएं की उन्होंने समस्या के समाधान के लिए आखिर क्या किया है। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की खंडपीठ ने मुंबई में वायु प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने आदेश में यह टिप्पणी की। अगली सुनवाई 6 नवंबर के लिए टाल दी है।
विज्ञापन


बुधवार को उपलब्ध कराए गए अपने विस्तृत आदेश में मीडिया रिपोर्टो का हवाला दिया गया और कहा गया कि पिछले 15 से 20 दिनों में मुंबई में AQI 150 (मध्यम) और 411 (गंभीर) के बीच रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएमसी ने मुंबई में वायु प्रदूषण को कम करने और/या कम करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन AQI के स्तर में सुधार नहीं हुआ है ताकि इसे स्वस्थ सीमा के भीतर लाया जा सके। अदालत ने इस मामले में महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ की सहायता मांगी और वरिष्ठ वकील डेरियस खंबाटा को एमिकस क्यूरी (अदालत की सहायता के लिए) के रूप में पेश होने का भी निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed