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बॉम्बे हाईकोर्ट: खराब वेंटिलेटर को बदलना होगा, मरीजों पर प्रयोग की नहीं दे सकते इजाजत
Thu, 03 Jun 2021 04:39 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, मुंबई
एजेंसी, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 03 Jun 2021 04:39 AM IST
सार
- अदालत को पिछले हफ्ते राज्य सरकार की ओर से पेश अभियोजक डीआर काले ने बताया था कि मराठवाड़ा के अस्पतालों को केंद्र की ओर से आपूर्ति किए गए 100 से अधिक वेंटिलेटरों में खराबी है और इसलिए उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि केंद्र द्वारा महाराष्ट्र को भेजे गए वेंटिलेंटर में से कोई भी खराब है तो उसे बदला जाना चाहिए। अदालत ने जोर देकर कहा कि वह कोरोना मरीजों पर ऐसे वेंटिलेटर के प्रयोग की अनुमति नहीं दे सकता क्योंकि मरम्मत किए गए वेंटिलेटर से मरीज की जान जा सकती है।
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हाईकोर्ट की औरगांबाद खंडपीठ के न्यायमूर्ति आरवी घूघे और बीयू देबद्वार ने यह टिप्पणी कोरोना से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की।
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अदालत को पिछले हफ्ते राज्य सरकार की ओर से पेश अभियोजक डीआर काले ने बताया था कि मराठवाड़ा के अस्पतालों को केंद्र की ओर से आपूर्ति किए गए 100 से अधिक वेंटिलेटरों में खराबी है और इसलिए उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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एक करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए बीएमसी ने पिछले महीने ग्लोबल टेंडर जारी किया
देश में कोरोना की तीसरी लहर आने से पहले बीएमसी ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करना चाहती है। एक करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए बीएमसी ने पिछले महीने ग्लोबल टेंडर जारी किया था। एक जून तक निविदा भरने का आखिरी मौका था। वैक्सीन का ठेका देने से पहले बीएमसी वैक्सीन उपलब्ध कराने वाली कंपनियों व वैक्सीन उत्पादक कंपनियों के बीच व्यावसायिक संबंधो की बारीकी से जांच कर रही है।
क्योंकि बीएमसी को वैक्सीन आपूर्ति के लिए जिन कंपनियों की ओर से प्रस्ताव आए हैं उसमें सीधे तौर पर वैक्सीन निर्माता कंपनी शामिल नहीं है। इसलिए बीएमसी पहले संतुष्ट होना चाहती है कि कंपनी को समय पर वैक्सीन उपलब्ध कराने में कोई अरचन न आए और उचित मात्रा में समय पर डोज उपलब्ध हो सके। साथ ही, वैक्सीन की दर व डिपॉजिट राशि क्या होगी। इसके बाद ही ठेका देने का अंतिम निर्णय लेिया जाएगा।