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Hindi News ›   India News ›   Bombay High Court Justice S J Kathawalla Sits Till 3:30 am to Dispose of cases

मिसाल: तड़के साढ़े 3 बजे तक मामलों की सुनवाई करते रहे बॉम्बे हाईकोर्ट के यह जज

Sun, 06 May 2018 05:48 AM IST
एजेंसी, मुंबई
एजेंसी, मुंबई Updated Sun, 06 May 2018 05:48 AM IST
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Bombay High Court Justice S J Kathawalla Sits Till 3:30 am to Dispose of cases

बॉम्बे हाईकोर्ट के ज्यादातर जज शुक्रवार को जब लंबित और तत्काल सुनवाई के मामलों को शाम पांच बजे से पहले निपटाने में लगे थे, वहीं जस्टिस शाहरुख जे कथावाला निश्चिंत होकर अपने काम में लगे हुए थे। 

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उन्होंने शनिवार तड़के 3.30 बजे तक अहम मामलों की सुनवाई की और विभिन्न याचिकाओं पर आदेश पारित किए। किसी जज द्वारा इतनी सुबह तक मामलों को सुनने का यह संभवत: पहला मामला है। 
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दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट में 5 मई से गर्मियों की छुट्टी की शुरुआत हो रही थी। इसके चलते सभी जज आखिरी कार्यदिवस पर ज्यादा से ज्यादा मामलों को निपटाने में जुटे थे। 
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जस्टिस कथावाला के कोर्ट रूम नंबर 20 में पिछले दो सप्ताह से देर रात तक सुनवाई का काम चल रहा था। शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शुरू हुई कोर्ट की कार्यवाही शनिवार तड़के 3.30 बजे खत्म हुई। इस दौरान कोर्ट रूम में वरिष्ठ वकील और वादी मौजूद रहे। इस दौरान 135 से अधिक मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से 70 तत्काल सुनवाई के मामले थे। 

कोर्ट में सबसे अंत में वरिष्ठ वकील प्रवीण समदानी के मामले की सुनवाई हुई। उन्होंने बताया कि जस्टिस कथावाला तड़के 3.30 बजे भी उसी तरह से तरोताजा दिख रहे थे जैसे वह हर दिन सुबह कोर्ट आने पर नजर आते हैं। मेरा मामला सबसे अंत में था लेकिन उन्होंने पूरे ध्यान से हमारे तर्कों को सुना और आदेश पारित किया।

एक अन्य वकील ने बताया कि जस्टिस कथावाला की काम के प्रति निष्ठा और समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने मात्र 20 मिनट का ब्रेक लिया था और पूरे वक्त मामलों की सुनवाई करते रहे। 


कोर्ट रूम के एक स्टाफ सदस्य ने बताया कि इतनी देर रात तक मामलों की सुनवाई करने के बावजूद जस्टिस कथावाला शनिवार सुबह तय वक्त पर अपने चैंबर पहुंचे और लंबित कामों को निपटाया। जस्टिस कथावाला वर्ष 2009 में हाईकोर्ट में एडिशनल जज के तौर पर नियुक्त हुए थे। जुलाई 2011 में उनकी नियुक्ति स्थायी जज के तौर पर की गई थी।

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