फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bombay High Court grants bail to man accused of Sexual assault minor

Bombay HC: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को दी जमानत, नाबालिग पीड़िता पर ही कर दी ये टिप्पणी

Thu, 24 Nov 2022 03:59 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 24 Nov 2022 03:59 AM IST
सार

अदालत ने कहा कि पता नहीं लड़की ने यौन कृत्य का प्रतिरोध किया या नहीं? किया भी तो कब? यौन कृत्य में आरोपी ने उसकी मर्जी के खिलाफ किस क्षण से जबरदस्ती शुरू की? इन सभी बातों पर ट्रायल में निर्णय होगा।

विज्ञापन
Bombay High Court grants bail to man accused of Sexual assault minor
बॉम्बे हाईकोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 15 साल की किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी 22 साल के युवक को जमानत देते हुए लड़की पर ही टिप्पणी कर दी। कहा, नाबालिग होने के बावजूद लड़की को पता था कि युवक के साथ जाने के परिणाम क्या होंगे। साथ ही कहा कि चूंकि युवक कम उम्र का है, इसलिए इनकार नहीं कर सकते कि वह अचानक प्रेम भावना में बह गया।

विज्ञापन


जस्टिस भारती डांगरे ने 15 नवंबर के इस आदेश में कहा कि ‘पीड़िता अपनी इच्छा से युवक के साथ उसकी चाची के घर गई थी। हालांकि वह नाबालिग है और इस प्रकार के मामलों में उसकी मर्जी अर्थहीन है। फिर भी, वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ थी, उसके साथ प्रेम में होने की बात भी कही। यौन कृत्य में उसकी मर्जी थी या नहीं, यह तो अब साक्ष्यों के आधार पर ही तय हो सकता है।’ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस (पॉक्सो) कानून में आरोपी लड़के को जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने उसे पीड़िता से कोई संपर्क न करने, बल्कि उसके घर के आसपास या मोहल्ले में भी न जाने के लिए कहा है।
विज्ञापन


किस क्षण से जबरदस्ती शुरू हुई, ट्रायल से निर्णय होगा
अदालत ने कहा कि ‘पता नहीं लड़की ने यौन कृत्य का प्रतिरोध किया या नहीं? किया भी तो कब? यौन कृत्य में आरोपी ने उसकी मर्जी के खिलाफ किस क्षण से जबरदस्ती शुरू की? इन सभी बातों पर ट्रायल में निर्णय होगा।’
विज्ञापन
विज्ञापन


युवक को और कैद रखने की जरूरत नहीं
अदालत ने आगे कहा कि ‘लड़का भी काफी युवा है, इससे इनकार नहीं कर सकते कि वह प्रेम-आसक्ति के वश चला गया। उसे अप्रैल 2021 में गिरफ्तार किया गया था, उसे अब और कैद रखने की जरूरत नहीं  है। उचित समय में ट्रायल शुरू हो जाना चाहिए।’


परिवार ने व्हाट्सएप पर बात करते देखा, तब दुष्कर्म का हुआ खुलासा
मुंबई के उपनगरीय इलाके के इस मामले में 29 अप्रैल 2021 को केस दर्ज हुआ था। इसके अनुसार 6 अप्रैल को दुष्कर्म हुआ था। इसका खुलासा 29 अप्रैल को उस समय हुआ जब पीड़िता को उसी युवक से व्हाट्सएप पर बात करते उसके परिजनों ने देखा। पूछने पर उसने दुष्कर्म की जानकारी दी, उसी दिन केस दर्ज हुआ। हाईकोर्ट ने इस देरी का संज्ञान लिया और कहा कि पीड़िता तब तक चुप रही जब तक कि उसे व्हाट्सएप पर युवक से बात करते हुए परिजनों ने नहीं देखा, परिवार के आपत्ति के बाद केस दर्ज हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed