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बॉम्बे हाईकोर्ट से बीएमसी को झटका, कंगना के दफ्तर पर तोड़फोड़ को बताया दुर्भावनापूर्ण
Fri, 27 Nov 2020 07:26 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 27 Nov 2020 07:26 PM IST
सार
- अदालत ने बीएमसी की कार्रवाई को बताया द्वेषपूर्ण कृत्य
- किरीट सोमैया ने मुंबई की मेयर से इस्तीफा देने की मांग की
- शिवसेना नेता संजय राउत ने भी उठाए फैसले पर सवाल
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कंगना रणौत (फाइल फोटो)
- फोटो : instagram
विस्तार
बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा अभिनेत्री कंगना रणौत के बंगले के हिस्से को ध्वस्त करने की कार्रवाई द्वेषपूर्ण कृत्य था और अभिनेत्री को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था। अदालत ने विध्वंस के आदेश को रद्द कर दिया।
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अदालत ने यह भी कहा कि अदालत किसी भी नागरिक के खिलाफ प्रशासन को ‘बाहुबल’ का उपयोग करने की मंजूरी नहीं देता है। न्यायमूर्ति एसजे काठवाला और न्यायमूर्ति आरआई चागला की पीठ ने कहा कि नागरिक निकाय द्वारा की गई कार्रवाई अनधिकृत थी और इसमें कोई संदेह नहीं है।
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पीठ रणौत द्वारा नौ सितंबर को उपनगरीय बांद्रा स्थित अपने पाली हिल बंगले में बीएमसी द्वारा की गई कार्रवाई के आदेश को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि नागरिक निकाय ने एक नागरिक के अधिकारों के खिलाफ गलत इरादे से कार्रवाई की है।
रणौत ने बीएमसी से हर्जाने में दो करोड़ रुपये मांगे थे और अदालत से बीएमसी की कार्रवाई को अवैध घोषित करने का आग्रह किया था। मुआवजे के मुद्दे पर पीठ ने कहा कि अदालत नुकसान का आकलन करने के लिए मूल्यांकन अधिकारी नियुक्त कर रही है जो याचिकाकर्ता और बीएमसी को विध्वंस के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान पर सुनवाई करेगा।
अदालत ने कहा, 'मूल्यांकन अधिकारी मार्च 2021 तक मुआवजे पर उचित आदेश पारित करेगा।' नागरिक निकाय ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि अभिनेत्री ने गैरकानूनी तरीके से अपने बंगले में निर्माण कार्य कराए थे। बीएमसी द्वारा नौ सितंबर को विध्वंस प्रक्रिया शुरु करने के बाद ही रणौत ने यह याचिका दायर की थी जिसके बाद अदालत ने अंतरिम आदेश में तोड़फोड़ पर रोक लगा दी थी।
कंगना को भी संयम बरतने का निर्देश
उच्च न्यायालय का कहना है कि वैल्यूअर अदालत को एक रिपोर्ट सौंपेगा। इसके बाद वह कंगना रणौत को मुआवजा देने का आदेश पारित करेगा। अदालत ने अभिनेत्री से सोशल मीडिया और अन्य लोगों पर टिप्पणी करते हुए संयम बरतने को कहा है।
संजय राउत ने उठाए सवाल
शिवसेना नेता संजय राउत ने इस पर कहा है कि अभिनेत्री ने मुंबई पुलिस को माफिया और मुंबई को पीओके कहा था। उन्होंने कहा, 'जो पार्टियां अदालत के आदेश से उत्साहित हैं, क्या इससे सहमत हैं? अदालतों और जजों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों से अवमानना होती है, अगर कोई महाराष्ट्र या मुंबई के बारे में ऐसे बयान देता है तो क्या यह मानहानि नहीं है?'
The actress called Mumbai Police mafia & Mumbai PoK. Do parties which are excited over Court order agree with this? Indecent remarks about judges or Courts lead to contempt, is it not defamation when someone makes such remarks about Maharashtra/Mumbai?: Sanjay Raut, Shiv Sena https://t.co/Dkh3TOfyGp pic.twitter.com/Kj8E0apF3C
— ANI (@ANI) November 27, 2020
मुंबई की मेयर करेंगी बैठक
मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कंगना रणौत मामले में दिए अदालत के आदेश का आकलन करने के लिए बीएमसी की कानूनी टीम के साथ बैठक करेंगी। उन्होंने कहा, 'हमने जो किया वह नगरपालिका के नियमों के अनुसार था। मैंने अदालत का आदेश नहीं देखा है, हम इसे देखेंगे।'
किरीट सोमैया ने मेयर से की इस्तीफा देने की मांग
बंबई उच्च न्यायालय द्वारा अभिनेत्री कंगना रनौत के बंगले में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को अवैध करार दिए जाने के बाद भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने शुक्रवार को मुंबई की महापौर और निगम आयुक्त से इस्तीफा देने की मांग की। सोमैया ने कहा, ' मैं फैसले का स्वागत करता हूं।' उन्होंने कहा कि महापौर किशोरी पेडनेकर और आयुक्त इकबाल चहल को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।