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Vande Bharat Trains: नई वंदे भारत ट्रेनों के लिए दौड़ में बॉम्बार्डियर और सीमेंस जैसी दिग्गज कंपनियां भी शामिल
Wed, 02 Feb 2022 10:03 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 02 Feb 2022 10:03 PM IST
सार
नई वंदे भारत ट्रेनें इस्पात के स्थान पर एल्यूमीनियम से बनाई जाएंगी। इससे हर ट्रेन वजन में करीब 50 टन हल्की होगी और इस्पात की ट्रेनों की तुलना में इनमें ऊर्जा की खपत भी कम होगी।
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
वंदे भारत ट्रेनों के अगले सेट को तैयार करने के लिए दौड़ में बॉम्बार्डियर सीमेंस और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अगले तीन वर्षों में ऐसी 400 हाई स्पीड ट्रेनों रका निर्माण किया जाना है। ऐसी 44 ट्रेन निर्माण प्रक्रिया में हैं जिनका संचालन 15 अगस्त 2023 तक शुरू होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल संवतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में इसका एलान किया था।
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अधिकारियों ने बताया कि रेलवे नो ऐसी 58 और ट्रेनों के लिए प्रोपल्शन सिस्टम की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए टेंडर प्रक्रिया में मुंबई की सीजी पावर इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड व हिंद रेक्टिफायर्स लिमिटेड, हिमाचल प्रदेश के पर्वाणू की इलेक्ट्रोवेव्स प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद की मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुंबई की सैनी इलेक्ट्रिकल एंड इंजीनियरिंग वर्क्स व सीमेंस लिमिटेड और कोलकाता की तीतागढ़ वैगन्स लिमिटेड ने हिस्सा लिया है।
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पिछले संस्करण की तुलना में 20 करोड़ रुपये महंगी होगी नई ट्रेन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार वर्तमान में चल रही दो वंदे भारत रेलगाड़ियां अत्याधुनिक ट्रेन हैं, लेकिन तीसरे संस्करण की आने वाली रेलगाड़ियां अगली पीढ़ी की ट्रेन होंगी। इन रेलगाड़ियों के दूसरे संस्करण का परीक्षण अप्रैल से शुरू होगा और अगस्त से क्रमिक उत्पादन शुरू होगा। मंगलवार को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेल मंत्रालय को 1.4 लाख रुपये की राशि आवंटित की थी। यह पिछले साल के संशोधित अनुमानों की तुलना में 20 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है।
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अधिकारियों के अनुसार, तीसरी पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेन में 16 कोच होंगे और जिसके एक सेट की लागत 120 करोड़ रुपये होगी। यह पहले संस्करण की तुलना में लगभग 20 करोड़ रुपये महंगी होगी। ट्रेन के इस संस्करण में बेहतर ऊर्जा दक्षता होगी और वजन में यह ट्रेन हल्की होगी। वर्तमान में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इस श्रेणी में अन्य 44 रेलगाड़ियों के उत्पादन के लिए अनुबंध पहले ही दिए जा चुके हैं। बजट में घोषित 400 नई पीढ़ी की रेलगाड़ियां उन रेलगाड़ियों से अलग होंगी।