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Manipur: जिरीबाम में तीन शव बरामद; इंफाल घाटी में तनाव बढ़ा, गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों को दिए अहम निर्देश

Sat, 16 Nov 2024 02:59 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 16 Nov 2024 02:59 PM IST
सार

मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की कड़ी नजर पाई गई है। सरकार ने सभी सुरक्षाबलों को मणिपुर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय ने सख्ती के साथ कहा है कि मणिपुर में हिंसक, विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Manipur Protest: Protest breaks out in Imphal valley after three bodies found in Jiribam
Manipur - फोटो : PTI

विस्तार

मणिपुर-असम सीमा पर जिरी और बराक नदी के संगम के पास तीन शव बरामद किए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बरामद हुए ये तीन शव जिरीबाम जिले से लापता छह लोगों में से ही हो सकते हैं। जिरीबाम जिले के अधिकारियों ने बताया कि जिरीबाम जिले के बोरोबेक्रा से करीब 16 किलोमीटर दूर एक महिला और दो बच्चों के शव शुक्रवार रात बरामद किए गए। बता दें कि जिरीबाम से सोमवार को छह लोग लापता हो गए थे।

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इस बीच शनिवार को इंफाल घाटी के अलग-अलग इलाकों में सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिलाएं थीं। उन्होंने इंफाल पश्चिम जिले के क्वाकेथेल इलाके और इंफाल पश्चिम जिले के सागोलबंद तेरा में मुख्य सड़कों को टायर जलाए और मार्ग अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने बताया कि मणिपुर के मुख्य बाजार ख्वाइरामबंद में महिला विक्रेताओं ने हत्या के खिलाफ विरोध रैली निकाली। बिष्णुपुर जिले के निंगथौखोंग और इंफाल पूर्वी जिले के लामलोंग में स्थानीय लोग भी हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए।
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मामले में करीब से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अभी शवों की पहचान नहीं हो पाई है। हालांकि, संदेह है कि ये तीन शव उन छह लोगों में से ही हैं, जो लापता हो गए थे। असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएमसीएच) में शुक्रवार रात को इन अज्ञात शवों को लाया गया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया।
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एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि ये शव लापता लोगों के ही हैं। हम पोस्टमार्टम का इंतजार कर रहे हैं और पहचान के लिए तस्वीरें भी जुटा ली गई हैं। इंफाल के जिरीबाम में पाए गए शवों का पोस्टमार्टम बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि शवों के बरामद होने की खबर मिलने के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार रात वरिष्ठ मंत्रियों के साथ स्थिति पर चर्चा की। इस बीच तीन शव बरामद होने की खबर इंफाल घाटी में फैलने पर सभी पांच जिलों में तनाव बढ़ गया। राज्य प्राधिकारियों ने शनिवार को विद्यालयों तथा कॉलेजों के लिए अवकाश घोषित कर दिया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की कड़ी नजर
इस बीच मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की कड़ी नजर पाई गई है। सरकार ने सभी सुरक्षाबलों को मणिपुर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय ने सख्ती के साथ कहा है कि मणिपुर में हिंसक, विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

क्या है मामला?
दरअसल, सोमवार को संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा तीन महिलाओं और तीन बच्चों को बंधक बनाया गया था, जिसके बाद जिरीबाम जिले में तनाव बढ़ गया। बंधक बनाए गए तीन बच्चों में एक नवजात और ढाई साल का बच्चा शामिल था। वहीं, तीन महिलाओं में से दो छोटे बच्चों की मां थीं। सभी महिलाएं मणिपुर के मैतेई समुदाय से हैं।

कुकी आतंकवादियों के समूह ने महिला-बच्चों को बनाया था बंधक
सूत्रों ने बताया कि जिरीबाम के बोकोबेरा इलाके से संदिग्ध कुकी आतंकवादियों के एक समूह ने इन महिलाओं और बच्चों का अपहरण किया था, जबकि एक अन्य आतंकवादी समूह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मुठभेड़ में लगा हुआ था। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ ने 10 संदिग्ध कुकी उग्रवादियों को मार गिराया था। 

लाइशाराम ने परिवार को सुरक्षित छोड़ने की अपील की थी
राज्य सरकार के कर्मचारी लाइशाराम हेरोजीत ने बुधवार को एक साक्षात्कार के माध्यम से अपील की थी कि जिस भी समूह ने उनके परिवार को बंधक बनाया है, उन्हें सुरक्षित छोड़ दें। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के एक दोस्त ने उन्हें हथियारबंद लोगों द्वारा नाव में ले जाते हुए देखा था। 

सीआरपीएफ का कैंप और पुलिस स्टेशन जिरीबाम के बोकोबेरा इलाके में स्थित है, जो बराक नदी से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर है।

घटना के दौरान फोन पर घबराई हुई थी पत्नी: हेरोजीत
हेरोजीत ने आगे बताया कि जब सोमवार को बोरोबेरा में गोलीबारी और आगजनी की घटना हुई, तब पत्नी ने उसे फोन किया था। वह बहुत घबराई हुई थी। उसने बताया था कि बहुत सारे हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया है। हालांकि, इसी बीच फोन कट गया। जब उसने दोबारा कॉल की तो फोन बंद हो गया। 

तलाश के एक घंटे बाद पत्नी की दोस्त से मिली जानकारी
हेरोजीत ने बताया कि बाद में उसने अपनी सास को कॉल की, लेकिन उनका भी फोन बंद था। इसके बाद, उसने अपने परिवार की तलाश शुरू की। लगभग एक घंटे बाद, पत्नी की बंगाली दोस्त मिली, जिसने बताया कि उसके परिवार को हथियारबंद लोगों द्वारा नाव में ले जाते हुए देखा था। 


कुकी जनजातियों के दावे को सीआरपीएफ-पुलिस ने किया खारिज
कुकी जनजातियों ने दावा किया कि मुठभेड़ में मारे गए लोग 'ग्रामीण स्वयंसेवक' थे। हालांकि, इस आरोप का सीआरपीएफ और पुलिस सूत्रों ने खंडन किया है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से कई हथियार बरामद किए हैं, जिनमें एके-47 राइफल, इंसास असॉल्ट राइफल और एक रॉकेट चालित ग्रेनेड (आरपीजी) लॉन्चर शामिल हैं। पुलिस वाहनों में गोलियों के छेद भी पाए गए।

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