कोरोना ने तोड़ा बीएमसी की तिजोरी का ताला, 1300 करोड़ रुपये खर्च, विपक्ष ने साधा निशाना
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वैश्विक महामारी कोरोना ने एशिया की वैभवशाली बीएमसी को भी भारी आर्थिक संकट में डाल दिया है। कोरोना से निपटने के लिए बीएमसी को अपनी जमापूंजी (एफडी) में से भी सैकड़ों करोड़ रुपये निकालने पड़े हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक रूप से बेहद मजबूत मुंबई महानगरपालिका की आय में कमी आ गई है। कोरोना संकट व लॉकडाउन के कारण लोगों ने टैक्स जमा नहीं किया। बीएमसी को प्रॉपर्टी टैक्स से जिस आय की उम्मीद थी वह पूरी नहीं हो सकी। इसके कारण कोरोना महामारी से निपटने के लिए बीएमसी को अपनी फिक्स डिपॉजिट से पैसा निकलना पड़ा है।
अधिकारी ने बताया कि कोरोना संकट से निकलने के लिए बीएमसी अब तक 1300 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इसमें 900 करोड़ रुपये आकस्मिक निधि से खर्च किए गए हैं। जबकि करीब 400 करोड़ रुपये फिक्स डिपॉजिट से निकाल कर खर्च किए गए हैं। बीएमसी के अलग-अलग बैंकों में 70 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। हालांकि कोरोना से निपटने के लिए राज्य सरकार ने भी 1000 करोड़ रुपये बीएमसी को दिए हैं जो खर्च किए जा रहे हैं।
रवि राजा (नेता विपक्ष, बीएमसी)
हमें सूचना दी गई है कि कोरोना से निपटने के लिए बीएमसी ने 400 करोड़ रुपये की मैच्योर एफडी तोड़ी है। हमें बताया गया है कि एफडी तोड़ने की राशि एक हजार करोड़ रुपये तक हो सकती है।
रईस शेख (सपा गुट नेता, बीएमसी)
बीएमसी प्रशासन एवं सत्ताधारी दल शिवसेना ने कोरोना संकट के दौरान गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम किया है। मनमाना टेंडर पास कर रहे हैं और एफडी तोड़ रहे हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिवसेना की है।