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Odisha: कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से हिरासत में रखने के खिलाफ भाजयुमो का प्रदर्शन, लाठीचार्ज का आरोप
Wed, 01 Mar 2023 03:34 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, भुवनेश्वर
एएनआई, भुवनेश्वर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 01 Mar 2023 03:34 AM IST
सार
भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
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विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेता
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने मंगलवार को भुवनेश्वर में कार्यकर्ताओं को पुलिस की अवैध हिरासत को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पूरी रात राजधानी के मुख्य स्टेशन के बाहर धरना दिया।
बता दें कि, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नबा दास की हाल ही में हुई हत्या से भड़के भारतीय जनता पार्टी की युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर आंदोलनरत हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने राज्य विधानसभा का घेराव करने के इरादे से पुलिस बैरिकेड को तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति हिंसक हो गई।
पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में
भाजपा नेता का आरोप है कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने राज्य पुलिस पर क्रूर मामले दर्ज करने एवं प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से गिरफ्तार करने का आरोप लगाया। भाजयुमो द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में ओडिशा पुलिस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और लाठीचार्ज करती हुई दिखाई दे रही है।
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एएसआई गोपाल दास ने मारी थी मंत्री को गोली
29 जनवरी की शाम को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर में एक पुलिसकर्मी ने 60 वर्षीय दास को गोली मार दी थी। इसके कुछ घंटों बाद मंत्री की मौत हो गई थी। नब दास यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। ओडिशा पुलिस ने सहायक उप-निरीक्षक गोपाल दास को मंत्री को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जिसे बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। राज्य सरकार ने मंत्री नब दास की हत्या की जांच अपराध शाखा को सौंपी थी। वहीं, विपक्षी भाजपा ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की थी और दावा किया था कि ओडिशा पुलिस दिवंगत मंत्री को न्याय नहीं दिला सकती, क्योंकि एक पुलिसकर्मी इस मामले में मुख्य आरोपी है। वहीं, कांग्रेस ने अदालत की निगरानी वाले विशेष जांच दल से मामले की जांच कराने की मांग की है।
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बता दें कि, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नबा दास की हाल ही में हुई हत्या से भड़के भारतीय जनता पार्टी की युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर आंदोलनरत हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने राज्य विधानसभा का घेराव करने के इरादे से पुलिस बैरिकेड को तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति हिंसक हो गई।
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पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में
भाजपा नेता का आरोप है कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने राज्य पुलिस पर क्रूर मामले दर्ज करने एवं प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से गिरफ्तार करने का आरोप लगाया। भाजयुमो द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में ओडिशा पुलिस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और लाठीचार्ज करती हुई दिखाई दे रही है।
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एएसआई गोपाल दास ने मारी थी मंत्री को गोली
29 जनवरी की शाम को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर में एक पुलिसकर्मी ने 60 वर्षीय दास को गोली मार दी थी। इसके कुछ घंटों बाद मंत्री की मौत हो गई थी। नब दास यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। ओडिशा पुलिस ने सहायक उप-निरीक्षक गोपाल दास को मंत्री को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जिसे बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। राज्य सरकार ने मंत्री नब दास की हत्या की जांच अपराध शाखा को सौंपी थी। वहीं, विपक्षी भाजपा ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की थी और दावा किया था कि ओडिशा पुलिस दिवंगत मंत्री को न्याय नहीं दिला सकती, क्योंकि एक पुलिसकर्मी इस मामले में मुख्य आरोपी है। वहीं, कांग्रेस ने अदालत की निगरानी वाले विशेष जांच दल से मामले की जांच कराने की मांग की है।