Maharashtra: BJP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में की तोड़फोड़; विपक्ष पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप
महाराष्ट्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
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विस्तार
डॉ. बीआर आंबेडकर के नाम पर सियासत गरमा गई है। दिल्ली भड़की सियासी आग की चिंगारी अब महाराष्ट्र तक पहुंच गई। एक तरफ जहां विपक्ष लगातार केंद्रीय मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं, अब महाराष्ट्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कांग्रेस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुंबई में सबसे पुरानी पार्टी के दफ्तर में तोड़फोड़ की।
हालात बिगड़ने पर पुलिस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
#WATCH | Maharashtra: BJP workers vandalise the Congress party office in Mumbai. They are protesting against the Congress party and are alleging that the Congress has insulted Baba Saheb Ambedkar.
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Police use lathi-charge to disperse them. pic.twitter.com/7NFz0XdVCC— ANI (@ANI) December 19, 2024
क्या है मामला?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर बयान दिया था, जिसपर सियासी विवाद छिड़ गया था। शाह ने कहा था कि 'अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।'
शाह ने कहा था, 'डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।'
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं।
इसी बयान के बाद कांग्रेस भड़क गई और फिर सियासी विवाद बढ़ता चला गया।