भाजपा शीर्ष नेतृत्व को परेशान कर रहा है गरीब मजदूरों का दर्द, लेकिन करें तो क्या?
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी चिंतित
- भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जाहिर कर चुके हैं चिंता
- भाजपा नेता जल्द कर सकता है देशभर में बड़ी पहल
- कैंप लगाकर गरीब मजदूरों को खाना, पानी, चप्पल, मास्क कर सकते हैं वितरित
विस्तार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य भूपेन्द्र यादव से गरीब मजदूर के दर्द का जिक्र कीजिए, तो उनके वाक्य में गरीबों की पीड़ा साफ दिखाई देती है, लेकिन वह कहते हैं कि लॉकडाउन को सीधे और पूरी तरह से नहीं खोला जा सकता है।
मजदूरों की एक के बाद एक दुर्घटना पर राष्ट्रीय महासचिव कहते हैं कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यह चिंता केवल भूपेंद्र यादव की नहीं है, बताते हैं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इसे लेकर परेशान हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी चिंतित हैं।
सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से बात की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी चर्चा की है। कहा जा रहा है कि गृहमंत्री ने इसके बाबत कुछ अन्य राज्यों के सीएम को भी फोन पर मंत्रणा की है।
उन्होंने भाजपा अध्यक्ष को अगले दो सप्ताह के लिए प्रवासी मजदूरों पर ध्यान देने का सुझाव दिया है। समझा जा रहा है कि अगले दो सप्ताह तक भाजपा के कार्यकर्ता पूरे देशभर में सड़क के रास्ते पैदल जा रहे मजदूरों को खाना, पानी, चप्पल, साबुन, मास्क आदि बांटते हुए दिखाई दे सकते हैं।
रेलवे स्टेशन के बाहर, हाइवे या सड़क पर भाजपा कार्यकर्ता कैंप लगा सकते हैं। समझा जा रहा है कि जल्द ही जेपी नड्डा इसके बाबत पार्टी के महासचिवों, प्रदेश अध्यक्षों, भाजपा नेताओं को सहयोग के लिए आगे आने को कह सकते हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर ने पत्र लिखकर याद दिलाया है कि ये गरीब मजदूर लोग भी हमारे ही लोग हैं। उन्होंने पीएम केयर फंड से इनके लिए धनराशि आवंटित करने की मांग की है।
भाजपा के एक अन्य सूत्र का कहना है कि गरीब मजदूरों की समस्या को लेकर केंद्र लगातार राज्यों से संवेदनशीलता बरतने के लिए कह रहा है। भाजपा अध्यक्ष नड्डा खुद भाजपा शासित राज्य सरकारों के मुख्यमंत्रियों, नेताओं से चर्चा कर रहे हैं, लेकिन एक के बाद एक दुर्घटना की खबरों ने शीर्ष नेतृत्व के माथे पर बल ला दिया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. सत्यनारायण जटिया भी इसे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण मान रहे हैं। डा. जटिया का कहना है कि इन मजदूरों के दर्द को समाज सेवा के भाव से कम किया जा सकता है।
लोगों को पानी के प्याऊ, खाने के पैकेट की व्यवस्था करनी चाहिए। समाज को भी कुछ आगे आना चाहिए। डा. जटिया का कहना है कि सभ्य समाज के लिए इस तरह के हालात ठीक नहीं कहे जा सकते।
भूपेन्द्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार को गरीब मजदूरों की चिंता है। सरकार ने मजदूरों को दूर दराज स्थित उनके घर तक पहुंचाने के लिए विशेष श्रमिक ट्रेन चलाई है। तमाम और प्रावधान किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता और उनके बयान से स्पष्ट है कि भाजपा की सरकार कितनी संवेदनशील है। उनका कहना है कि कोविड-19 संक्रमण का खतरा बड़ा है। लॉकडाउन लगा था तो इसे अचानक हटाया भी नहीं जा सकता। यह तो धीरे-धीरे ही खुल सकेगा। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सरकार कदम उठा रही है।
भाजपा अध्यक्ष का दर्द
जेपी नड्डा ने ट्वीट करके अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा कि औरैया में सड़क हादसे में 23 मजदूरों के असामयिक निधन की खबर से मन विचलित है। मेरा सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि वह राहत कार्य में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। इसके साथ उन्होंने पीडि़त परिवार के साथ अपनी संवेदना व्यक्त की।
कुछ नेताओं के पास शब्द ही नहीं हैं
भाजपा के कई नेताओं के दर्द ऑफ द रिकार्ड हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिस तरह से खाली सड़कों पर एक के बाद एक हादसे हो रहे हैं, चिंता का विषय है।
इस समय न तो सड़कों पर ट्रैफिक है और न ही हादसे वाले मौसम। सूत्र का कहना है कि सरकार और राजनीतिक दल हमेशा अपनी अपनी प्रतिबद्धता से काम करते हैं।
लेकिन उन्हें लग रहा है कि ऐसा नहीं हो पा रहा है। वह खुद को बहुत विचलित महसूस कर रहे हैं। पार्टी के कभी दिग्गजों में रहे सूत्र का कहना है कि सरकारों में इतनी असंवेदनशीलता, रणनीतिक का अभाव और भ्रम की स्थिति बमुश्किल देखने को मिलती है।