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त्रिपुरा में सहयोगी दल के आगे नहीं झुकेगी भाजपा, आज अगरतला पहुंचेंगे गडकरी

Tue, 06 Mar 2018 06:06 AM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
संजय मिश्र, नई दिल्ली Updated Tue, 06 Mar 2018 06:06 AM IST
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BJP will not bow down to allies in Tripura Nitin Gadkari will announce CM on 6 March in Agartala
नितिन गडकरी
त्रिपुरा में सहयोगी दल आईपीएफटी के आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने के पैंतरे के आगे भाजपा ने नहीं झुकने का निर्णय लिया है। पार्टी अपने संगठन के व्यक्ति को ही यहां मुख्यमंत्री बनाएगी। वैसे सूबे के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बिप्लब देब का नाम लगभग तय माना जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा के लिए ऑबजर्वर बनाए गए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और जुएल ओरांव 6 मार्च को प्रदेश की राजधानी अगरतला पहुंचकर अपने मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान करेंगे। 
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वैसे पूर्वोत्तर के प्रभारी महासचिव राम माधव ने तीनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण की तारीख का भी ऐलान कर दिया है। माधव के अनुसार 6 मार्च को मेघालय, 7 मार्च को नागालैंड और त्रिपुरा में 8 मार्च को उनके मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण का समारोह होगा।
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सूत्रों के अनुसार तीनों राज्यों के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी उपस्थित रहेंगे। त्रिपुरा के शपथ ग्रहण समारोह को विशेष बनाने की तैयारी है। 

त्रिपुरा के जरिए वाम के खिलाफ वैचारिक जंग को तेज करेगा संघ 

दरअसल सहयोगी दल आईपीएफटी के जरिए आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को ठुकराने के पीछे मजबूत वजह वैचारिक जंग है। त्रिपुरा में किसी संघ पृष्ठभूमि के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाकर भगवा परिवार वाम के खिलाफ अपनी वैचारिक जंग को और तेज करने की रणनीति में है।

अभी से सूबे के विकास का खाका तैयार करने के साथ ही वैचारिक लड़ाई का रोड मैप भी तैयार होने लगा है। यही वजह है कि भगवा परिवार सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखना चाहती है। 

वैसे सूबे की आदिवासी बहुल 20 सीटों में से करीब 19 सीटें भाजपा और उसके सहयोगी के खाते में आई हैं। बल्कि यूं कहें कि सूबे में भाजपा की ऐतिहासिक जीत का आधार आदिवासी ही रहे। वैसे आदिवासी समाज के लिए पार्टी महासचिव राम माधव ने विशेष व्यूह रचना कर रखी थी।


उनकी रणनीति कारगर रही। भाजपा की सहयोगी दल आईपीएफटी कुल 9 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। उसके 8 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। 

वैसे सहयोगी दल के जरिए आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने के पैंतरे को भाजपा आलाकमान मलाईदार मंत्रालय हासिल करने के बाबत दबाव की रणनीति मान रहा है। हालांकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि पार्टी बेशक अकेले दम पर बहुमत में आ गई है।

बावजूद उसके वे सहयोगी दल को साथ रखेंगे और आईपीएफटी सरकार में भागीदार होगी। 
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