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संसद का विशेष सत्र: भाजपा ने सांसदों को जारी किया एक लाइन का व्हिप, अहम विधायी मुद्दों पर चर्चा की कही बात
Thu, 14 Sep 2023 01:14 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 14 Sep 2023 01:14 PM IST
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संसद भवन
- फोटो : सोशल मीडिया
18 से 22 सितंबर के बीच होने वाले संसद के विशेष सत्र के लिए भाजपा ने पार्टी के सांसदों को एक लाइन का व्हिप जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सभी सांसदों को विशेष सत्र के दौरान अहम विधायी मुद्दों पर चर्चा और सरकार के पक्ष का समर्थन करने के लिए मौजूद रहना होगा।
17 सितंबर को बुलाई गई है सर्वदलीय बैठक
गौरतलब है कि संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार ने अब तक इस सत्र को लेकर एजेंडा साफ नहीं किया है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार नाराजगी जता रहा है। इस बीच सरकार ने विशेष सत्र से ठीक एक दिन पहले 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
विशेष सत्र को लेकर लग रहीं अटकलें
देश के राष्ट्रपति को जरूरत पड़ने पर संसद का विशेष सत्र बुलाने का अधिकार है। केंद्र सरकार ने इसी प्रावधान का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति से संसद का विशेष सत्र बुलाने की सिफारिश कर मंजूरी ले चुकी है। यह बैठक संसद के पुराने भवन के बाद नए भवन में होने की जानकारी है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस दौरान करीब 10 विधेयक पेश किए जा सकते हैं।
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अभी सरकार की तरफ से संसद का विशेष सत्र बुलाने के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया गया है। लोकसभा सचिवालय सूत्रों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक संसद का विशेष सत्र पहली बार 1970 के दशक में बुलाया गया था। इसके बाद से कई बार संसद के विशेष सत्र का आयोजन किया गया है।
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17 सितंबर को बुलाई गई है सर्वदलीय बैठक
गौरतलब है कि संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार ने अब तक इस सत्र को लेकर एजेंडा साफ नहीं किया है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार नाराजगी जता रहा है। इस बीच सरकार ने विशेष सत्र से ठीक एक दिन पहले 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
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विशेष सत्र को लेकर लग रहीं अटकलें
देश के राष्ट्रपति को जरूरत पड़ने पर संसद का विशेष सत्र बुलाने का अधिकार है। केंद्र सरकार ने इसी प्रावधान का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति से संसद का विशेष सत्र बुलाने की सिफारिश कर मंजूरी ले चुकी है। यह बैठक संसद के पुराने भवन के बाद नए भवन में होने की जानकारी है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस दौरान करीब 10 विधेयक पेश किए जा सकते हैं।
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अभी सरकार की तरफ से संसद का विशेष सत्र बुलाने के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया गया है। लोकसभा सचिवालय सूत्रों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक संसद का विशेष सत्र पहली बार 1970 के दशक में बुलाया गया था। इसके बाद से कई बार संसद के विशेष सत्र का आयोजन किया गया है।