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Kerala: केरल में भाजपा की नई रणनीति, पिछड़े हिंदू वर्गों पर बढ़ा फोकस; अल्पसंख्यक रणनीति में बदलाव के संकेत
Sun, 17 May 2026 06:35 PM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 17 May 2026 06:35 PM IST
सार
केरल विधानसभा चुनाव में तीन सीटें जीतने के बाद भाजपा ने 13 सूत्रीय राजनीतिक एजेंडा जारी किया है। पार्टी अब ओबीसी समुदायों पर ज्यादा फोकस और अल्पसंख्यक पहुंच रणनीति में बदलाव करती दिख रही है।
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केरल के लिए 13 सूत्रीय एजेंडा तैयार।
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
केरल विधानसभा चुनाव में तीन सीटों पर जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए 13 सूत्रीय रणनीति तैयार की है। पार्टी का फोकस खास तौर पर हिंदू पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के बीच समर्थन बढ़ाने और अपनी राजनीतिक पहुंच को नए तरीके से मजबूत करने पर दिखाई दे रहा है। यह रणनीति शनिवार को हुई भाजपा की राज्य कोर कमेटी की बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्ताव का हिस्सा रही। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने की।
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OBC समुदाय पर BJP का खास फोकस
भाजपा ने अपने प्रस्ताव में साफ किया है कि ओबीसी आरक्षण को धर्म आधारित आरक्षण में बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पार्टी का कहना है कि आरक्षण केवल ओबीसी, एससी/एसटी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) तक सीमित रहना चाहिए। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा पिछड़े वर्गों के आरक्षण को धर्म आधारित आरक्षण में बदलने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगी। भाजपा अब केरल के प्रभावशाली एझवा समुदाय सहित कई हिंदू पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
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अल्पसंख्यक पहुंच की रणनीति में बदलाव
भाजपा ने हाल के चुनावों से पहले ईसाई समुदाय के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिश की थी, लेकिन अब पार्टी की रणनीति में बदलाव के संकेत दिख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, चर्च नेतृत्व और कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच बढ़ती नजदीकियों के बाद भाजपा ने संस्थागत स्तर पर चर्च से संवाद की कोशिशों को कम कर दिया है। हालांकि पार्टी का कहना है कि ईसाई समुदाय से उसका संवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और कई जिलों में पार्टी संगठन में ईसाई सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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सबरीमाला और मंदिरों का मुद्दा भी एजेंडे में
भाजपा ने अपने प्रस्ताव में सबरीमाला मुद्दे को फिर प्रमुखता से उठाया है। पार्टी ने सबरीमाला से जुड़े कथित सोना घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की है। इसके साथ ही मंदिरों की संपत्तियों और परिसंपत्तियों के ऑडिट की मांग भी की गई है। पार्टी ने सबरीमाला महिला प्रवेश विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग उठाई।
'तीसरे विकल्प' के रूप में खुद को पेश करने की कोशिश
भाजपा ने दावा किया कि अब केरल में सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के अलावा एक तीसरा राजनीतिक विकल्प उभर चुका है। पार्टी के मुताबिक, एनडीए ने विधानसभा चुनाव में तीन सीटें जीतीं, छह सीटों पर दूसरे स्थान पर रही और करीब 30 लाख वोट हासिल किए। हालांकि चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार भाजपा का वोट शेयर 2021 की तुलना में बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा। पार्टी को 2026 में 11.42 प्रतिशत वोट मिले, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 11.30 प्रतिशत था।