विवाद: महिलाओं पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान पर बवाल, भाजपा ने बताया अपमानजनक और शर्मनाक
महिला आरक्षण कानून पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के कथित बयान ने राजनीति भूचाल ला दिया है।भाजपा नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने बयान को बताया शर्मनाक, वहीं सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, सिद्दीकी का बयान प्रासंगिक नहीं।
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#WATCH | On RJD leader Abdul Bari Siddiqui's reported statement on the Women's Reservation Bill, BJP MP Ravi Shankar Prasad says, "...Ordinary OBC or party worker has no place, it is reserved for the family. Therefore, this hypocrisy, double-standards are shocking. We are proud… pic.twitter.com/AFEkuLn1n0
— ANI (@ANI) September 30, 2023विज्ञापन
आरोप लगाते हुए भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, सामान्य ओबीसी या पार्टी कार्यकर्ता के लिए कोई जगह नहीं है, यह परिवार के लिए आरक्षित है। इसलिए यह पाखंड है और दोहरा मापदंड है। इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाया है। महिला आरक्षण कानून के लिए हमें पीएम मोदी पर गर्व करना चाहिए।
वहीं महिला आरक्षण कानून पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के कथित बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है यदि आप संसद में राजद का रुख देखेंगे, तो आप देख सकते हैं कि उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को अपना समर्थन दिया है। केवल राजद ही नहीं बल्कि कई अन्य दलों ने कहा था कि इसमें ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसलिए वह (अब्दुल बारी सिद्दीकी) अब जो कहते हैं वह प्रासंगिक नहीं है।
#WATCH | On RJD leader Abdul Bari Siddiqui's reported statement on the Women's Reservation Bill, Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi says, "...If you see RJD's stance in Parliament, you can see that they have given their support to the Women's Reservation Bill... Not only RJD… pic.twitter.com/Hnr5y4ik2i
— ANI (@ANI) September 30, 2023
साथ ही उन्होंने कहा, वोट देने वाली हर महिला का अधिकार है और यदि उनके पास संसद में भाग लेने की दृष्टि है, तो यह उनका अधिकार है। इस अधिकार से उन्हें कई वर्षों से वंचित रखा गया था। यह कानून 2024 में लागू होना चाहिए था। दुर्भाग्य से इसे भविष्य की तारीख के लिए टाल दिया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि इसे कब लागू किया जाएगा।