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विवाद: महिलाओं पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान पर बवाल, भाजपा ने बताया अपमानजनक और शर्मनाक

Sat, 30 Sep 2023 05:10 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Sat, 30 Sep 2023 05:10 PM IST
सार

महिला आरक्षण कानून पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के कथित बयान ने राजनीति भूचाल ला दिया है।भाजपा नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने बयान को बताया शर्मनाक, वहीं सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, सिद्दीकी का बयान प्रासंगिक नहीं।

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BJP termed RJD leader Abdul Bari Siddiqui's alleged statement as shameful
अब्दुल बारी सिद्दीकी (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

विस्तार

महिला आरक्षण कानून पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के कथित बयान ने राजनीति भूचाल ला दिया है। सत्ता दल भाजपा के नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा, भारत की बहनों और बेटियों के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद शर्मनाक, अपमानजनक और निंदनीय है। उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि यह कौन सी भाषा है। इसके पीछे उनकी असली मंशा क्या है। 
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आरोप लगाते हुए भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, सामान्य ओबीसी या पार्टी कार्यकर्ता के लिए कोई जगह नहीं है, यह परिवार के लिए आरक्षित है। इसलिए यह पाखंड है और दोहरा मापदंड है। इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाया  है। महिला आरक्षण कानून के लिए हमें पीएम मोदी पर गर्व करना चाहिए।
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वहीं महिला आरक्षण कानून पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के कथित बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है यदि आप संसद में राजद का रुख देखेंगे, तो आप देख सकते हैं कि उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को अपना समर्थन दिया है। केवल राजद ही नहीं बल्कि कई अन्य दलों ने कहा था कि इसमें ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसलिए वह (अब्दुल बारी सिद्दीकी) अब जो कहते हैं वह प्रासंगिक नहीं है।
 

साथ ही उन्होंने कहा, वोट देने वाली हर महिला का अधिकार है और यदि उनके पास संसद में भाग लेने की दृष्टि है, तो यह उनका अधिकार है। इस अधिकार से उन्हें कई वर्षों से वंचित रखा गया था। यह कानून 2024 में लागू होना चाहिए था। दुर्भाग्य से इसे भविष्य की तारीख के लिए टाल दिया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि इसे कब लागू किया जाएगा।
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