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Politics: 'दाऊद से जुड़े लोग आपके हेलीकॉप्टर में यात्रा करते थे', शरद के शाह पर बयान के बाद भाजपा का पलटवार
Wed, 15 Jan 2025 06:17 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Wed, 15 Jan 2025 06:17 PM IST
सार
विनोद तावड़े ने अमित शाह के एक दिन पहले के बयान को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने शरद पवार को विश्वासघाती कहा है, क्योंकि उन्होंने 1978 में धोखा दिया था। साथ ही तावड़े ने यह भी कहा कि अगर कोई सियासी टिप्पणी करता है तो गलत जानकारी फैलाने के बजाय इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।
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विनोद तावड़े
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
गृहमंत्री अमित शाह पर की गई शरद पवार के 'राज्य से निर्वासित' किए जाने वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है। अब भाजपा ने इसके लिए राकांपा (सपा) सुप्रीमो शरद पवार की आलोचना की है। इस दौरान भाजपा ने शरद पवार से गृहमंत्री के बारे में गलत सूचना फैलाना बंद करने को भी कहा। शरद पवार पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि आपके (शरद पवार) कार्यकाल के दौरान ऐसी चर्चाएं थीं कि दाऊद इब्राहिम से जुड़े लोग आपके हेलीकॉप्टर में यात्रा करते थे। इतना ही नहीं यह भी कहा जाता था कि जब आप मुख्यमंत्री थे तो दाऊद मुंबई चला रहा था।
प्रेस कांफ्रेस करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि राकांपा (सपा) नेता शरद पवार ने अमित शाह को लेकर कहा है कि उन्हें राज्य से निर्वासित किया गया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें राज्य से बाहर क्यों किया गया? उन्हें इसलिए नहीं बाहर किया गया था कि उन्होंने कोई डकैती या चोरी की थी, बल्कि सोहराबुद्दीन शेख, जो "लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा तस्कर" था, उसकी कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले के संबंध में उन्हें राज्य से बाहर जाने को कहा था। तावड़े ने कहा कि गुजरात की अदालत ने कहा था कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच होनी है तो राज्य के गृह मंत्री (अमित शाह) को राज्य में नहीं रहना चाहिए। इसके बाद में, सुप्रीम कोर्ट में उन्हें इस मामले में निर्दोष साबित किया गया।
आगे उन्होंने अमित शाह के एक दिन पहले के बयान को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने शऱद पवार को विश्वासघाती कहा है, क्योंकि उन्होंने 1978 में धोखा दिया था। साथ ही तावड़े ने यह भी कहा कि अगर कोई सियासी टिप्पणी करता है तो गलत जानकारी फैलाने के बजाय इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।
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भाजपा नेता ने पवार से पूछा कि अगर उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री नियुक्त किया गया होता तो क्या उन्होंने वी डी सावरकर के खिलाफ ऐसी टिप्पणी की होती। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी (आपातकाल के दौरान) जेल में थे और बाद में वे प्रधानमंत्री और देश के गृह मंत्री बने। क्या आप उनके बारे में भी ऐसी बातें कहेंगे?
पवार को लेकर क्या बोले थे शाह?
दरअसल, अमित शाह ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि 1978 में जो धोखेबाजी की राजनीति शुरू हुई थी, उसको 20 फुट जमीन में दफनाने का काम आप लोगों ने किया है। अमित शाह के इस बयान को शरद पवार पर निशाना माना गया क्योंकि 1978 में शरद पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे।
शरद पवार ने किया था गृह मंत्री पर पलटवार
अब अमित शाह की टिप्पणी पर शरद पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'मैं 1978 में मुख्यमंत्री था। मुझे उनका नहीं पता कि वो कहां थे। जब मैं मुख्यमंत्री था तो जनसंघ के उत्तमराव पाटिल जैसे लोग मेरे मंत्रालय में थे। गृह मंत्री पद की गरिमा को बरकरार रखा जाना चाहिए।'
शरद पवार का अमित शाह पर तीखा हमला
शरद पवार ने याद करते हुए बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए मुझे विपक्ष में होते हुए भी, भुज में आए भूकंप के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। वरिष्ठ नेता ने कहा कि 'इस देश ने कई बेहतरीन गृह मंत्री देखे हैं, लेकिन किसी को भी उनके राज्य से निर्वासित नहीं किया गया था। जब वे गुजरात में नहीं रह सकते थे तो वे बालासाहब ठाकरे की मदद मांगने आए थे।' शरद पवार की इस टिप्पणी को अमित शाह पर तीखा हमला माना जा रहा है क्योंकि साल 2010 में शोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले में अमित शाह को गुजरात से निर्वासित कर दिया गया था। साल 2014 में अमित शाह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था।
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प्रेस कांफ्रेस करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि राकांपा (सपा) नेता शरद पवार ने अमित शाह को लेकर कहा है कि उन्हें राज्य से निर्वासित किया गया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें राज्य से बाहर क्यों किया गया? उन्हें इसलिए नहीं बाहर किया गया था कि उन्होंने कोई डकैती या चोरी की थी, बल्कि सोहराबुद्दीन शेख, जो "लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा तस्कर" था, उसकी कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले के संबंध में उन्हें राज्य से बाहर जाने को कहा था। तावड़े ने कहा कि गुजरात की अदालत ने कहा था कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच होनी है तो राज्य के गृह मंत्री (अमित शाह) को राज्य में नहीं रहना चाहिए। इसके बाद में, सुप्रीम कोर्ट में उन्हें इस मामले में निर्दोष साबित किया गया।
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आगे उन्होंने अमित शाह के एक दिन पहले के बयान को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने शऱद पवार को विश्वासघाती कहा है, क्योंकि उन्होंने 1978 में धोखा दिया था। साथ ही तावड़े ने यह भी कहा कि अगर कोई सियासी टिप्पणी करता है तो गलत जानकारी फैलाने के बजाय इसे स्वीकार किया जाना चाहिए।
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#WATCH | Mumbai | BJP leader Vinod Tawde says, "Sharad Pawar sahib called Amit bhai (Union Home Minister Amit Shah) a 'Tadipaar Grih Mantri'. Pawar sahib, do you know why this 'taadipaari' of Amit Shah? After the encounter of a smuggler connected with Lashkar-e-Taiba, Sohrabuddin… pic.twitter.com/zZFt2XHxtm
— ANI (@ANI) January 16, 2025
भाजपा नेता ने पवार से पूछा कि अगर उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री नियुक्त किया गया होता तो क्या उन्होंने वी डी सावरकर के खिलाफ ऐसी टिप्पणी की होती। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी (आपातकाल के दौरान) जेल में थे और बाद में वे प्रधानमंत्री और देश के गृह मंत्री बने। क्या आप उनके बारे में भी ऐसी बातें कहेंगे?
पवार को लेकर क्या बोले थे शाह?
दरअसल, अमित शाह ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि 1978 में जो धोखेबाजी की राजनीति शुरू हुई थी, उसको 20 फुट जमीन में दफनाने का काम आप लोगों ने किया है। अमित शाह के इस बयान को शरद पवार पर निशाना माना गया क्योंकि 1978 में शरद पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे।
शरद पवार ने किया था गृह मंत्री पर पलटवार
अब अमित शाह की टिप्पणी पर शरद पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'मैं 1978 में मुख्यमंत्री था। मुझे उनका नहीं पता कि वो कहां थे। जब मैं मुख्यमंत्री था तो जनसंघ के उत्तमराव पाटिल जैसे लोग मेरे मंत्रालय में थे। गृह मंत्री पद की गरिमा को बरकरार रखा जाना चाहिए।'
शरद पवार का अमित शाह पर तीखा हमला
शरद पवार ने याद करते हुए बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए मुझे विपक्ष में होते हुए भी, भुज में आए भूकंप के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। वरिष्ठ नेता ने कहा कि 'इस देश ने कई बेहतरीन गृह मंत्री देखे हैं, लेकिन किसी को भी उनके राज्य से निर्वासित नहीं किया गया था। जब वे गुजरात में नहीं रह सकते थे तो वे बालासाहब ठाकरे की मदद मांगने आए थे।' शरद पवार की इस टिप्पणी को अमित शाह पर तीखा हमला माना जा रहा है क्योंकि साल 2010 में शोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले में अमित शाह को गुजरात से निर्वासित कर दिया गया था। साल 2014 में अमित शाह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था।