फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP rebel ajay choudhary is appealing voters to take vow of ganga to defeat bjp

गुजरातः वोटर्स को गंगा की सौगंध खिला भाजपा को हराने मैदान में उतरे अजय चौधरी

Mon, 27 Nov 2017 02:27 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली 
संजय मिश्र, नई दिल्ली  Updated Mon, 27 Nov 2017 02:27 PM IST
विज्ञापन
BJP rebel ajay choudhary is appealing voters to take vow of ganga to defeat bjp
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को विशाल जीत दर्ज कराने में मददगार बनी गंगा पीएम नरेंद्र मोदी के अपने प्रदेश गुजरात में उनकी मुसीबतें बढ़ा रही है। सिल्क नगरी सूरत में भाजपा से बगावत कर विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे अजय चौधरी अपने चुनाव को गंगा के सम्मान की लड़ाई करार देते हुए चौर्यासी विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को हाथ में गंगा जल देकर उन्हें कसम खिला रहे हैं। 
विज्ञापन


सूरत भाजपा के महासचिव रहे चौधरी कहते हैं कि उनकी लड़ाई उत्तर भारतीयों के सम्मान और स्वाभिमान के लिए है। बातचीत में उन्होंने कहा कि एक तरफ पीएम नरेंद् मोदी बनारस पहुंचकर कहते हैं कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है तो दूसरी तरफ उनकी पार्टी उनके ही गृह प्रदेश में मां गंगा के सपूतों को पराया मान रही है। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति की पहचान है। उसके अपमान का बदला लेकर रहेंगे। चौर्यासी विधानसभा से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे चौधरी कहते हैं कि उन्हें समाज ने मैदान में उतारा है और वे यहां परप्रांतियों के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। 
विज्ञापन


गंगा के जरिए मतदान की पवित्रता की दिला रहे याद 
मतदाताओं को हाथ में गंगाजल देकर कसम खिलाने के तरीकों पर अजय चौधरी का कहना है कि वे गंगा जल के जरिए जनता को मतदान की पवित्रता की याद दिला रहे हैं, ताकि चुनाव के दिन लोग पवित्रता की लाज रखते हुए सम्मान एवं स्वाभिमान की लड़ाई का साथ दें। अपना दर्द बयां करते हुए चौधरी ने कहा कि यहां सूरत के आर्थिक और सामाजिक विकास में यूपी, बिहार, झारखंड और राजस्थान के लोगों का योगदान कहीं से भी कम नहीं है। गंगा के मैदान कहे जाने वाले यूपी, बिहार और झारखंड की जनता ने लोकसभा चुनाव में भाजपा की झोली में ज्यादा से ज्यादा सीटें देकर मोदी को पीएम की कुर्सी तक पहुंचाया है। मगर यहां सूरत में उत्तर भारतीयों को सम्मान देने के बजाय उन्हें पराया और बाहरी करार दिया जा रहा है। अब तक भाजपा संगठन में रहने वाले चौधरी का कहना है कि पार्टी के लोग यहां उत्तर भारतीयों का समर्थन तो चाहते हैं लेकिन टिकट मांगने पर कहते हैं कि तुम लोग बाहरी हो, नौकरी करने आए हो नौकरी करो। यह बात यूपी, बिहार, झारखंड और राजस्थान के लोगों के मान सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ी है। चुनाव में सबक सिखाकर इसका बदला लिया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गुस्से में हैं उत्तर भारतीय 
दरअसल अजय चौधरी के प्रचार में लगे लोग बोतल में गंगा जल लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं। क्षेत्र की जनता को वे हाथ में गंगा जल देकर कसम खिलाते हुए उनसे चुनाव में चौधरी को वोट देने का वचन लेते हैं। चौधरी भाजपा संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पार्टी के समक्ष टिकट की दावेदारी भी जताई थी, मगर टिकट नसीब नहीं हुआ। अब समाज के लोगों ने उन्हें चुनाव मैदान में उतार दिया है, जिससे यहां भाजपा की हालत पतली बताई जा रही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने ऐन वक्त तक चौधरी से उम्मीदवारी वापस कराने की कोशिश की, लेकिन प्रयास काम नहीं आया। अब गंगा जल के सहारे चौधरी समर्थक भाजपा को सबक सिखाने में जुटे हैं। करीब 4 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर यूपी, बिहार, झारखंड और राजस्थान से जुड़े लोगों की संख्या 2 लाख से ऊपर है। यदि गंगा जल की कसम उत्तर भारतीयों पर काम कर गई तो चौधरी की जीत हो न हो पर भाजपा की हार तय मानी जा रही है, इसलिए यहां भाजपा ने प्रचार के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बुलाया है। मगर पार्टी सूत्रों की मानें तो पूरे सूरत में समाज को एक भी टिकट न मिलने से उत्तर भारतीयों में भाजपा के खिलाफ बेहद रोष है। अब तक यह समाज भाजपा का अंध समर्थक माना जाता था, लेकिन इस बार इस समाज में भी नाराजगी नजर आ रही है। माना जा रहा है कि नवसारी के सांसद सीआर पाटिल का रवैया भी उत्तर भारतीयों में भाजपा की अलोकप्रियता का एक बड़ा कारण बन रहा है। उत्तर भारतीयों के बजाय वे स्थानीय और मराठी लोगों को तरजीह देने में लगे हुए हैं। 


सुविधाओं से भी रखा जा रहा महरूम 
उत्तर भारतीय बहुल चौर्यासी विधानसभा सीट से मैदान में उतरे अजय चौधरी ने बीते 8 महीनों से रेल संघर्ष समिति के बैनर तले जन सुविधाओं को लेकर रेलवे के खिलाफ अभियान भी चला रखा है। मगर उनकी मांगे अब तक अनसुनी रही हैं। चौधरी का आरोप है कि उत्तर भारतीयों की सुविधाओं को लेकर उन्होंने बीते 8 माह से अभियान चला रखा है, रेल मंत्री सूरत आए भी लेकिन उनसे मिलने नहीं दिया गया। यहां सुविधाओं के अभाव में उत्तर भारतीयों को यात्रा के संकटों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उत्तर भारतीयों के नाम मतदाता सूची से भी उड़वा दिए जाते हैं, ताकि हम यहां राजनीतिक ताकत न बन सकें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed