अपने ड्रीम प्रोजेक्ट से यूपी को जल्द तोहफा देगी BJP, कमर कसकर जुटे हैं मनोज सिन्हा
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रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा इन दिनों गाजीपुर में एक परियोजना की देखरेख में जुटे हैं। गाजीपुर के लिए स्वीकृत की गई एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। ताड़ीघाट से मऊ तक की एक विशेष रेल परियोजना को मनोज सिन्हा खुद का ड्रीम प्रोजेक्ट बता रहे हैं। वो खुद इस परियोजना की प्रगति जानने के लिए ताड़ीघाट पहुंचे। मनोज सिन्हा अन्य अधिकारियों के साथ यहां स्टीमर से पहुंचे और निरीक्षण के बाद आवश्यक निर्देश दिए।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के समय मनोज सिन्हा ने इस परियोजना की प्रगति को लेकर उन्हें विस्तार से जानकारी दी थी। मनोज सिन्हा ने एक और परियोजना के विद्युतीकरण और रूट को लेकर भी विशेष दौरा किया। वाराणसी-गाजीपुर-छपरा रेल रूट के विद्युतीकरण पर पीएम मोदी ने खुद उन्हें इसके निरीक्षण की जिम्मेदारी दी थी। इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से रेल संचालन शुरू करने का प्रयास है। वहीं ताड़ीघाट-मऊ रेल लाइन योजना को रेलवे और पूरे यूपी के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है।
क्या है इस रेल मार्ग में खास :
कुल लंबाई- 50.49 किलोमीटर
उद्देश्य- पूर्व मध्य रेलवे को पूर्वोत्तर रेलवे से जोड़ेगा
कुल लागत- 1765.92 करोड़ रुपये
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के मुताबिक इस परियोजना से अकेले गाजीपुर में गंगा पर बनने वाले रेल-सड़क पुल के निर्माण में 624 करोड़ रुपये खर्च होंने हैं। उसके अलावा ताड़ीघाट-मऊ के बीच बेसों, मगई नदी सहित कुल आठ बड़े पुल और बनेंगे। जिन पर काम जारी है। इस परियोजना के अंतर्गत आठ छोटे पुलों का निर्माण होगा। साथ ही 16 पुलिया बनाई जाएगी।
इस पूरे काम की मॉनिटरिंग स्वयं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा लगातार की जा रहीं है, उन्होंने कुछ महीने पहले भी गंगा में बन रहे एक पुल का निरीक्षण भी किया था। गाजीपुर दौरे के समय भी वह बराबर इस परियोजना के निर्माण प्रगति की जानकारी लेते रहते हैं। रेल मार्ग पर कुल सात स्टेशन होंगे। जिनमें ताड़ीघाट, गाजीपुर सिटी, जंगीपुर, बिरनो, मरदह, बढ़ुआ गोताम और मऊ शामिल होंगे। इनमें दो जंक्शन होंगे- गाजीपुर सिटी और मऊ नाथ भंजन। रेल मार्ग पर पांच क्रासिंग भी बनेंगी।
गाजीपुर सिटी से यह रेल मार्ग फुल्लनपुर-महाराजगंज के बीच से जंगीपुर होते मऊ के लिए निकलेगा। रेलवे पुल हमीद सेतु के पूर्व से होकर गुजर रहा है। इसकी लंबाई बनने पर 1,200 मीटर होगी।
देखा जाय तो मऊ को घाट स्टेशन से होते हुए ताड़ीघाट दिलदारनगर रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए काफी वर्षों से मांग चल रही थी। इसके बन जाने से मुगलसराय से पटना, मुजफ्फरपुर से वाराणसी एवं मऊ-गोरखपुर रेलमार्ग आपस में जुड़ जाएंगे। दिल्ली हावड़ा रूट पर दबाव भी खत्म हो जायेगा। यात्रियों की सुविधाएं बढ़ने के साथ पूर्व से पश्चिम तक राज्यों से रेल यातायात सुगम हो जाएगा और आर्थिक स्थिति और विकास को मजबूती मिलेगी।
मनोज सिन्हा का ड्रीम प्रोजेक्ट यह रेलमार्ग यूपी के पूर्व से पश्चिम और उनके संसदीय छेत्र के वासियों के लिए बहुत लाभप्रद होगा। सिन्हा ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से रोजगार का सृजन भी होगा वर्षों से ताड़ीघाट-गाजीपुर-मऊ रेल पुल का निर्माण लोगों का सपना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में यह सपना पूरा होकर अब मूर्त रूप ले रहा हैं, इसे तय समय के भीतर पूरा किया जाएगा।
सरकार का आश्वासन है कि धन की कोई कमी इस परियोजना के आड़े नहीं आने दी जाएगी। इस लाइन के निर्माण पर 1765.92 करोड़ रुपये खर्च का बजट स्वीकृत है। उम्मीद की जा रही है कि जब तक यह लाइन तैयार होगी, तब तक उसका खर्च 2109 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट अपने तय वर्ष के टारगेट में पूर्ण हो जायेगा।