Arvind Kejriwal: ईडी के दावों के बाद BJP ने साधा केजरीवाल पर निशाना, कहा- जानबूझकर बढ़ा रहे ब्लड शुगर लेवल
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने गुरुवार को कहा कि जेल में बंद अरविंद केजरीवाल के बारे में जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने जो जानकारी न्यायालय को दी है, वह बेहद गंभीर और चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के अनुसार केजरीवाल का जेल में रहते हुए वजन एक किलो बढ़ा है।
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जांच एजेंसी ईडी के द्वारा अदालत में अरविंद केजरीवाल के भोजन पर किए गए दावे से दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल एक तरफ तो रामराज्य लाने की बात कह रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे इन्हीं नवरात्रों में अंडा खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे लगता है कि वे सही मायने में हिंदू होने का अर्थ नहीं जानते। भाजपा नेता ने कहा कि कोई भी सनातन धर्म को मानने वाला व्यक्ति नवरात्रों के दिनों में अंडा नहीं खाता है, लेकिन अरविंद केजरीवाल ऐसा कर रहे हैं। इससे उनकी रामराज्य की कथनी और करनी में भेद का पता चलता है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल को जेल में इंसुलिन नहीं दी जा रही है। इससे केजरीवाल के शरीर पर गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।
भाजपा ने लगाया आरोप
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने गुरुवार को कहा कि जेल में बंद अरविंद केजरीवाल के बारे में जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने जो जानकारी न्यायालय को दी है, वह बेहद गंभीर और चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के अनुसार केजरीवाल का जेल में रहते हुए वजन एक किलो बढ़ा है। उन्होंने इसे खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत पाने की एक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि टाइप 2 डायबिटीज होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल जेल में लगातार घर से मिठाई और आम मंगवाकर खा रहे हैं। इससे उनकी सेहत खराब हो सकती है। लेकिन वे जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं, ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।
सचदेवा ने कहा कि अब तक की जांच से जो बातें अदालत के माध्यम से बाहर आई हैं, उससे पता चलता है कि एजेंसी के पास केजरीवाल खिलाफ गंभीर साक्ष्य हैं और इसलिए उन्हें साधारण तरीके से जमानत मिलना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसलिए केजरीवाल जान बूझकर अपना ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने कहा
दिल्ली सरकार में वरिष्ठ मंत्री आतिशी मार्लेना ने इस मुद्दे पर गंभीर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को जेल में इंसुलिन के इंजेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। आतिशी ने आरोप लगाया है कि ईडी अरविंद केजरीवाल के घर के खाने पर रोक लगाना चाहती है, इसीलिए उनके भोजन को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। मंत्री ने दावा किया कि केजरीवाल के जेल में मिठाई-आम खाने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार हैं।
तेजस्वी यादव के मछली खाने पर भी हुआ था विवाद
इसके पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के द्वारा मछली खाने को लेकर भाजपा ने तेज हमला बोला था। पार्टी ने नवरात्रों के दिनों में मछली खाने की पोस्ट करने को हिंदुओं को अपमानित करने की कोशिश बताया था। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे हिंदुओं को अपमानित करने की मुगलिया मानसिकता से प्रेरित बताया था। इस कड़ी में उन्होंने इशारों-इशारों में राहुल गांधी पर भी यह कहते हुए हमला बोला था कि वे सावन के महीने में (लालू प्रसाद यादव से) मटन बनाना सीख रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोई व्यक्ति क्या खाता है, यह उसका निजी अधिकार और पसंद का विषय हो सकता है, लेकिन इस तरह की फोटो दिखाकर किसी वर्ग को अपमानित करना सही नहीं है।
इस पर पलटवार करते हुए राजद नेताओं ने कहा था कि प्रधानमंत्री के पास शिक्षा-स्वास्थ्य पर जनता को बताने के लिए कुछ नहीं है, लिहाजा इस तरह के मुद्दों पर विवाद खड़ा कर वह लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। स्वयं तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर शेयर किए गए अपने फोटो के बारे में बताया था कि वह फोटो नवरात्रि के पहले की है। हालांकि इसे बाद में पोस्ट किया गया था।
मतदाताओं का ध्रुवीकरण है कोशिश
इस लोकसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल और इसके पहले तेजस्वी यादव के भोजन को लेकर उठे विवादों का उद्देश्य क्या है? अमर उजाला के इस प्रश्न पर राजनीतिक विश्लेषक कुमार राकेश ने कहा कि यह भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई थी कि लोग राम मंदिर के निर्माण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का अब तक का सबसे बड़ा काम मानते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं भाजपा भी अपने घोषणा पत्र में धार्मिक स्थलों का विकास कर पर्यटन के जरिए रोजगार निर्माण की बात कहती है। ऐसे में वह हिंदू जनमानस को ज्यादा लुभाने के लिए इस तरह के मुद्दों को उछाल कर एक वर्ग तक संदेश देने की कोशिश कर रही है। उसे इसका लाभ हो सकता है।
मछली खाना भी धार्मिक माना जाता है
कुमार राकेश ने कहा कि खानपान, संस्कृति की विविधता वाले देश भारत में खानपान पर राजनीति नकारात्मक असर भी पैदा कर सकती है। क्योंकि देश के एक हिस्से के एक वर्ग में जिस चीज को खाना अधार्मिक और अनैतिक माना जाता है, दूसरे हिस्से में किसी दूसरे वर्ग के द्वारा उसी चीज को खाना धार्मिक माना जाता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण मछली ही है। उन्होंने कहा कि बंगाल, बिहार और कश्मीर के कुछ हिस्सों में मछली खाने को धार्मिक कार्यों के बीच शामिल किया जाता है। ऐसे में भोजन पर राजनीति देश के लिए सही नहीं कही जा सकती।