केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के समर्थन में भाजपा सांसद: बोले- केंद्र छोड़े CAPF कैंटीन का जीएसटी
भाजपा सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा, सीएपीएफ की मांगें जायज हैं। उन्हें केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। जब वे पीएम से मिलेंगे, तो दूसरी मांगों के साथ ही सीएपीएफ की मांगें भी उनके सामने रखेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एसोसिएशन के पांच लोगों की बातचीत कराई जाएगी। उस वक्त सभी मांगों पर सकारात्मक तरीके से चर्चा हो सकती है...
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'कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन' की मंगलवार को हुई राष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाजपा सांसदों ने 'सीएपीएफ' की मांगों पर अपनी सहमति जताई है। कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कांफ्रेंस में मोदी सरकार के पूर्व मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह ने कहा, केंद्र सरकार को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कैंटीनों से 'जीएसटी' हटा लेना चाहिए। केंद्र सरकार के पास 37 लाख करोड़ रुपये का बजट है, अगर ऐसे में वह इन बलों की कैंटीन से मिलने वाला 50-100 करोड़ रुपये का जीएसटी छोड़ देती है, तो उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बागपत के भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह ने कहा, सीएपीएफ और पुलिस कैंटीन को सीएसडी कैंटीन की तरह जीएसटी से छूट मिलनी चाहिए। सीकर से भाजपा सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा, वे इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से बात करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही एसोसिएशन की मुलाकात गृह मंत्री से कराएंगे।
भाजपा सांसद बोले- केंद्र के सामने रखेंगे सीएपीएफ की मांगें
भाजपा सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा, सीएपीएफ की मांगें जायज हैं। उन्हें केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। जब वे पीएम से मिलेंगे, तो दूसरी मांगों के साथ ही सीएपीएफ की मांगें भी उनके सामने रखेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एसोसिएशन के पांच लोगों की बातचीत कराई जाएगी। उस वक्त सभी मांगों पर सकारात्मक तरीके से चर्चा हो सकती है। पीएम मोदी के मन में सेना व अर्धसैनिक बलों के प्रति बहुत सम्मान है। शांतिकाल के दौरान यही बल, आतंरिक सुरक्षा, आपदा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करते हैं। बॉर्डर की सुरक्षा की ड्यूटी भी इन बलों को सौंपी गई है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए नई पेंशन व्यवस्था लागू की जाए। उन्हें उम्मीद है कि सरकार, इन बलों की मांगों को पूरा करेगी।
जीएसटी खत्म होना चाहिए
पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह ने कहा, आपकी मांगों का निराकरण होना जरूरी है। अभी शुरुआत है। अब मैं भी रिटायर हो गया हूं। उन्होंने मौजूदा सांसद सत्यपाल सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा, मैं आपकी मांगें जितनी मजबूती से उठा सकता हूं, उतना वे लोग नहीं कर सकते। केंद्र सरकार के लिए इन बलों की मांगों को पूरा करना बड़ी बात नहीं है। जीएसटी खत्म कर देना चाहिए। केंद्र सरकार को कैंटीन से जो लाभ मिलता है, अगर वह न भी मिले तो कोई फर्क नहीं पड़ता। शुरू में जब जीएसटी लगा तो शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा चलाए जा रहे लंगर भी उसके दायरे में आ गए। कमेटी ने केंद्र के सामने मांग उठाई तो मात्र 15 दिन में लंगर से जीएसटी हटा लिया गया। चौ. बीरेंद्र सिंह ने एसोसिएशन से कहा, आप सेना से अपनी तुलना न करें। ये गलत है। आप अपनी मांगें रख सकते हैं।
सीएसडी कैंटीन की तरह जीएसटी से छूट मिले
मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त और मौजूदा लोकसभा सांसद सत्यपाल सिंह ने कहा, क्या आपकी मदद के लिए आम लोग आ सकते हैं। उनकी यह बात सुनकर पूर्व कर्मी हैरान रह गए। सिंह ने कहा, आपके साथ लोगों का आना बहुत जरूरी है। आपको गांव-गांव जाना पड़ेगा। आपको लोगों के कल्याण के लिए बात करनी होगी। आप में से ज्यादातर लोग सैटल हैं। रिटायर हो गए हैं, आपको सारे लाभ मिल रहे हैं। आपको अपने आसपास के इलाके में समाज सेवा का काम करना चाहिए। ज्यादा नहीं तो यह देखें कि आपका मोहल्ला साफ है क्या। इससे स्थानीय लोग आपसे जुड़ जाएंगे। वे आपका समर्थन करेंगे। केंद्र सरकार को सीएपीएफ की मांगों पर विचार करना चाहिए। ज्यादा शराब पीना ठीक नहीं होता। इससे गड़बड़ हो जाएगी। आप लोग रिटायरमेंट वाले हैं, आपके पास कोई दूसरा धंधा तो है नहीं। सीएपीएफ और पुलिस को सीएसडी कैंटीन की तरह जीएसटी से छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने अमेरिका का उदाहरण दिया। अमेरिका में पुलिस और फायर एसोसिएशन वालों ने रिटायरमेंट के बाद 80 फीसदी पेंशन देने की बात कही। सरकार ने माना कि पुलिस और फायर वालों से बढ़कर कुछ नहीं है। उनकी पेंशन 80 नहीं, बल्कि 90 फीसदी कर दी गई।