Lok Sabha Session: भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब होंगे अगले प्रोटेम स्पीकर, राष्ट्रपति ने की नियुक्ति
Lok Sabha Session: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति कर दी है। ओडिशा से भाजपा के सांसद भर्तृहरि महताब को लोकसभा सत्र के मद्देनजर इस पद पर नियुक्त किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति कर दी है। ओडिशा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद भर्तृहरि महताब को लोकसभा सत्र के मद्देनजर इस पद पर नियुक्त किया गया है। बता दें कि महताब सात बार के सांसद हैं और अगले स्थायी स्पीकर की नियुक्ति तक वे सदन में स्पीकर की सभी जिम्मेदारियां निभाएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 95(1) के तहत भाजपा सांसद को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है।
President Droupadi Murmu appoints Bhartruhari Mahtab, Member, Lok Sabha as Speaker Protem under Article 95(1) of the Constitution.
— ANI (@ANI) June 20, 2024विज्ञापन
'लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होने तक कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे महताब'
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि लोकसभा सदस्य के. सुरेश, टीआर बालू, राधा मोहन सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते और सुदीप बंद्योपाध्याय प्रोटेम स्पीकर महताब की सहायता करेंगे। उन्होंने आग बताया कि भर्तृहरि महताब लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होने तक पीठासीन अधिकारी के रूप में कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। बता दें कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होगा। नवनिर्वाचित सदस्य 24-25 जून को शपथ लेंगे।
कौन हैं भर्तृहरि महताब?Bhartruhari Mahtab to perform duties of Lok Sabha presiding officer till election of Speaker: Kiren Rijiju
— Press Trust of India (@PTI_News) June 20, 2024
भर्तृहरि महताब ओडिशा की कटक लोकसभा सीट से सात बार सांसद चुने गए हैं। उन्होंने इस वर्ष लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीजू जनता दल (बीजद) को बड़ा झटका देते हुए पार्टी की स्थाई सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके साथ ही वे भाजपा में शामिल हो गए थे।
प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति क्यों होती है?
प्रोटेम स्पीकर को संसद के अस्थाई अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाता है। यह नियुक्ति तब की जाती है, जब नियमित स्पीकर का चुनाव नहीं हुआ होता है। प्रोटेम स्पीकर का काम निर्वाचित किए गए सदस्यों को शपथ दिलाना होता है। इसके अलावा नए स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया को संचालित करना होता है। प्रोटेम स्पीकर की भूमिका अस्थाई होती है और नए स्पीकर के चयन के बाद यह जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है।