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सीएम के दो शिष्यों की जूतम-पैजार के बाद दोनों को ही योगी का सहारा
Sun, 10 Mar 2019 01:46 PM IST
शशिधर पाठक
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Published by: शशिधर पाठक
Updated Sun, 10 Mar 2019 01:46 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो शिष्य। एक संतकबीर नगर से सांसद शरद त्रिपाठी और दूसरे विधायक राकेश सिंह बघेल। दोनों शिष्यों ने राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, दमखम, प्रभाव और नाक की लड़ाई मानकर जूतम पैजार कर ली है। अब दोनों को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सहारा है। सांसद और विधायक दोनों ने अपना-अपना पक्ष यूपी भाजपा अध्यक्ष के सामने रख दिया है। दोनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आसार हैं और दोनों ही नेताओं को योगी आदित्यनाथ से कृपा मिलने की उम्मीद भी है। बघेल और त्रिपाठी दोनों ने खुद के द्वारा पैदा किए गए इस संकट से ऊबरने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
शरद त्रिपाठी का कहना है कि राकेश सिंह बघेल भाजपा के विधायक हैं, लेकिन वह अपनी गाड़ी पर युवा हिन्दू वाहिनी का झंडा लगाकर चलते हैं। इंजीनियर की सांठ गांठ से ठेका, काम धाम चल रहा है। जब उन्होंने उस इंजीनियर से सवाल पूछ लिया तो विधायक बघेल विदक गए? क्यों? शरद त्रिपाठी का कहना है कि सरकारी अफसर इंजीनियर विधायक का साइड पार्टनर है। शरद त्रिपाठी के इस सवाल पर विधायक बघेल का कहना है कि वह हिंदू हैं। हिंदूवादी पार्टी में हैं। हिंदुओं के हितैषी हैं। उनके घर पर भाजपा का झंडा लगा है। फिर क्या वह सनातन धर्म का झंडा नहीं लगा सकते? वह युवा हिंदू वाहिनी का झंडा लगा रहे हैं तो इसमें बुराई क्या है? विधायक बघेल ने कहा कि शरद त्रिपाठी जो भी आरोप लगाएंगे, मैं उनके खिलाफ नोटिस भेजूंगा। उन्होंने कहा कि यदि इंजीनियर से सांठ-गांठ के आरोप साबित हो गए तो विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे।
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योगी जी महाराज ने दिलाया टिकट, हमने लगाया जोर
विधायक राकेश सिंह बघेल की सुनिए। बघेल कहते हैं कि शरद त्रिपाठी को 2009 में योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने टिकट दिलवाया था। योगी आदित्य जी महाराज ने शरद त्रिपाठी को जिताने के लिए संत कबीर नगर संसदीय क्षेत्र में 18 सभाएं की थी। तब भी एक लाख 81 हजार वोट ही त्रिपाठी पा सके। इस चुनाव में वह (बघेल) पार्टी लोकसभा के सह प्रभारी थे। योगी जी और शरद के पिता के कहने पर उन्होंने पूरी जान लगा दी थी। चुनाव के दौरान शरद त्रिपाठी हर भाषण में कहते रहे कि योगी आदित्यनाथ उनके राजनीतिक पिता हैं। इसका वह (बघेल) वीडियो भी उपलब्ध करवा सकते हैं। योगी आदित्यनाथ का नाम आते ही शरद त्रिपाठी कुछ नहीं बोलते। पूरे आदर के साथ फोन पर चुप हो जाते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने सारा तथ्य पार्टी फोरम पर रख दिया है। अब नेतृत्व जो निर्णय लेगा, उन्हें मंजूर है।
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भाजपा विधायक और युवा हिन्दू वाहिनी झंडा, क्या मतलब?
शरद त्रिपाठी का कहना है कि राकेश सिंह बघेल भाजपा के विधायक हैं, लेकिन वह अपनी गाड़ी पर युवा हिन्दू वाहिनी का झंडा लगाकर चलते हैं। इंजीनियर की सांठ गांठ से ठेका, काम धाम चल रहा है। जब उन्होंने उस इंजीनियर से सवाल पूछ लिया तो विधायक बघेल विदक गए? क्यों? शरद त्रिपाठी का कहना है कि सरकारी अफसर इंजीनियर विधायक का साइड पार्टनर है। शरद त्रिपाठी के इस सवाल पर विधायक बघेल का कहना है कि वह हिंदू हैं। हिंदूवादी पार्टी में हैं। हिंदुओं के हितैषी हैं। उनके घर पर भाजपा का झंडा लगा है। फिर क्या वह सनातन धर्म का झंडा नहीं लगा सकते? वह युवा हिंदू वाहिनी का झंडा लगा रहे हैं तो इसमें बुराई क्या है? विधायक बघेल ने कहा कि शरद त्रिपाठी जो भी आरोप लगाएंगे, मैं उनके खिलाफ नोटिस भेजूंगा। उन्होंने कहा कि यदि इंजीनियर से सांठ-गांठ के आरोप साबित हो गए तो विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे।
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