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Mithi River Scam: सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार में 'राजकुमार' शामिल; भाजपा ने बिना नाम लिए आदित्य ठाकरे को घेरा
Fri, 30 May 2025 03:45 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 30 May 2025 03:45 PM IST
सार
मुंबई में मीठी नदी की सफाई के नाम हुए घोटाले को लेकर भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पुरानी सरकार के कार्यकाल में इस नदी की सफाई के नाम पर अनियमितताएं की गईं।
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आदित्य ठाकरे, विधायक, शिवसेना यूबीटी
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुंबई की मीठी नदी की सफाई के नाम पर हुए घोटाले का मामला बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में इस मामले में अभिनेता डिनो मोरिया से पूछताछ की गई, वहीं अब भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने इसे लेकर पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कि मुख्यमंत्री के रूप में उद्धव ठाकरे के कार्यकाल के दौरान नदी की सफाई के लिए दिए गए ठेकों में अनियमितताएं की गई हैं। मीठी नदी की सफाई के नाम पर 1200-1300 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार किया गया।
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प्रसाद लाड ने इस भ्रष्टाचार को लेकर बिना नाम लिए शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे पर भी हमला बोला। उन्होंने परोक्ष हमला करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि इसमें कोई 'राजकुमार' शामिल है, लेकिन मैं ठोस सबूतों के बिना नाम नहीं लूंगा। उन्होंने कहा कि मीठी नदी से गाद निकालने में भ्रष्टाचार के सिलसिले में 16 लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज किए गए हैं। पिछले दो सालों में 65 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का संदेह है। लेकिन अगर बीते 15 सालों के ठेकों की जांच की जाए तो यह घोटाले की राशि 1200 करोड़ रुपये से 1300 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी स्थलों पर गाद डालने के लिए रॉयल्टी भुगतान का कोई सबूत नहीं है। कानून के मुताबिक, ट्रक नंबर दर्ज होने चाहिए, लेकिन रिकॉर्ड में वाहन (पंजीकरण) नंबर वास्तव में दोपहिया और ऑटो रिक्शा के हैं। यहां तक कि वाहनों का वजन भी दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने मीठी सफाई के लिए बीएमसी द्वारा 'बायोमाइनिंग' के इस्तेमाल की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नदी की सफाई के लिए कथित तौर पर सूक्ष्मजीवों का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन इस बारे में कोई डेटा नहीं है कि कितनी सफाई की गई, किसने काम किया या इसकी योजना कैसे बनाई गई।
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प्रसाद लाड ने आरोप लगाते हुए कहा कि हर बार नदी की सफाई के नाम पर जर्मनी, इटली, फ्रांस या स्पेन की नई तकनीक दिखाई जाती है। अगर उसकी कीमत 100 रुपये है, तो इसे 2,000 रुपये में किराए पर दिया जाता है। इन सौदों से बिचौलियों को फायदा होता है। लाड ने दावा किया कि आरोपों के बाद भी कई पुराने ठेकेदारों को काम मिला है। ये कंपनियां 2019-2022 के दौरान बढ़ीं खासतौर पर तब जबकि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे (2019 और 2022 के बीच)। भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने हाल ही में मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से मुलाकात कर जानकारी सौंपी थी।
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मीठी से गाद निकालने में 65 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं को लेकर मामला दर्ज किया है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मीठी नदी की सफाई परियोजना में कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग की जांच के लिए फरवरी में एसआईटी का गठन किया था। वहीं, प्रारंभिक शिकायत के मुताबिक अनुबंधों में अनियमितताएं और दुरुपयोग 1,100 करोड़ रुपये के आसपास थे।
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