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बंगाल: टीएमसी में शामिल भाजपा के चार विधायकों का विधानसभा में जमकर हंगामा, सुवेंदु अधिकारी पर लगाया बड़ा आरोप
Wed, 16 Mar 2022 06:54 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 16 Mar 2022 06:54 PM IST
सार
भाजपा के चार विधायक पिछले साल सदन की सदस्यता छोड़े बिना टीएमसी में शामिल हुए थे। उन्हें अभी तक दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित नहीं किया गया है।
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सुवेंदु अधिकारी
- फोटो : twitter.com/SuvenduWB
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए भाजपा के चार विधायकों ने बुधवार को आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में उनके भाषण को बाधित करने के लिए उन्हें आयकर छापेमारी की धमकी दी। हालांकि अधिकारी ने आरोप को निराधार बताया है। भाजपा विधायक कृष्णा कल्याणी (रायगंज), तन्मय घोष (बिष्णुपुर), सौमेन रॉय (कालियागंज) और बिस्वजीत दास (बगड़ा) ने विपक्ष के बेंच से ही बार-बार हस्तक्षेप किया जब सुवेंदु अधिकारी गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
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भाजपा की सदस्यता छोड़े बिना टीएमसी में शामिल हुए ये विधायक
इन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ झूठ बोलने और अफवाह फैलाने के लिए अधिकारी की आलोचना की। भाजपा के चार विधायक पिछले साल सदन की सदस्यता छोड़े बिना टीएमसी में शामिल हुए थे। उन्हें अभी तक दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित नहीं किया गया है। जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट पर बोलना शुरू किया तो अधिकारी और भाजपा के अन्य विधायक सदन से बहिर्गमन कर गए।
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सीएम ममता का केंद्र पर निशाना
मुख्यमंत्री द्वारा अपना भाषण पूरा करने के बाद कल्याणी ने स्पीकर बिमान बनर्जी से शिकायत की कि सदन से बाहर निकलते समय अधिकारी ने चार विधायकों को उनके भाषण में बाधा डालने के लिए आयकर छापे की धमकी दी। स्पीकर ने शिकायत पर संज्ञान लिया और कहा कि चारों विधायकों को सदन के नियमों के अनुसार सुरक्षा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि इस घटना ने साबित कर दिया कि पश्चिम बंगाल में आयकर विभाग को कौन नियंत्रित करता है।
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उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि राज्य में केंद्रीय एजेंसी को कौन नियंत्रित करता है। मैं अध्यक्ष महोदय से इसका ध्यान रखने का अनुरोध करूंगी। बाद में अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सत्तारूढ़ दल ने मेरे भाषण के दौरान दलबदलू विधायकों का इस्तेमाल कर अशांति पैदा करने की कोशिश की, वह अभूतपूर्व है।