गणेश उत्सव पर सियासत: भाजपा विधायक का आरोप, बंगाल जैसी हो गई है मुंबई की स्थिति
महाराष्ट्र की कणकवली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ने रविवार को राज्य आगामी गणेश उत्सव के लिए राज्य सरकार की ओर से जारी नए नियमों पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की महा विकास अघाड़ी सरकार हिंदुओं के साथ भेदभाव कर रही है। बता दें कि 10 सितंबर से इस पर्व की शुरुआत होगी और 19 सितंबर को विसर्जन।
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भारतीय जनता पार्टी के विधायर नितेश राणे ने कहा कि मुंबई में हालात पश्चिम बंगाल जैसे हैं, जहां दुर्गा पूजा उत्सव पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव मंडलों के लिए राज्य सरकार के नए नियमों के अनुसार यह उत्सव मना पाना मुश्किल है। हमने राज्यपाल को अपनी चिंताओं से अवगत कराया है।
भाजपा विधायक ने राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, 'कुछ समय पहले अन्य धार्मिक उत्सव तो मनाए जा रहे थे, उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। तो केवल हिंदू क्यों? हिंदू धर्म खतरे में है। हमने राज्यपाल से कहा है कि हमारे उत्सव की सुरक्षा करें अन्यथा ठाकरे सरकार धीरे-धीरे ये उत्सव खत्म कर देगी।'
Some time ago, other religious festivals were celebrated, they didn't face any inconvenience. Then why only Hindus? Hindu religion is in danger. We told the Guv to protect our festival, or else, Thackeray govt will gradually end the festival...(celebrations): Nitesh Rane, BJP
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 8, 2021
कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर की आशंका के चलते महाराष्ट्र में गणेश उत्सव इस साल भी पिछले साल की तरह ही रहेगा। महाराष्ट्र सरकार ने गणेश चतुर्थी के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार विसर्जन और पूजा के लिए भगवान गणेश की बड़ी मूर्तियों को प्रतिबंधित करने का फैसला किया गया है।
इसके मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर विसर्जन के लिए मूर्ति का आकार अधिकतम चार फीट और घर में पूजा के लिए दो फीट तय किया गया है। राज्य के सबसे बड़े सार्वजनिक त्योहारों में शुमार गणेश उत्सव के लिए राज्य सरकार ने लोगों से इस दौरान घर पर ही रहते हुए सामान्य तरीके से यह पर्व मनाने की अपील की है।
राज्य सरकार ने कहा है कि उत्सव के पहले दिन और विसर्जन के दिन जुलूस की अनुमति नहीं होगी। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि सार्वजनिक उत्सवों के लिए, आयोजकों को स्थानीय अधिकारियों से उचित अनुमति लेनी होगी। संक्रमण की चेन तोड़ने के सभी नियम लागू रहेंगे और त्योहार के लिए कोई छूट नहीं दी जाएगी।