फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP Leaders Quit Over Sedition FIR Against Lakshadweep Filmmaker

राजद्रोह: आयशा सुल्ताना पर भाजपा में दोफाड़, पार्टी अध्यक्ष ने दर्ज कराया केस तो 15 नेताओं ने दिया इस्तीफा

Sat, 12 Jun 2021 03:31 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 12 Jun 2021 03:31 PM IST
सार

लक्षद्वीप में फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना को लेकर भाजपा इकाई बंटी नजर आ रही है। यहां के भाजपा अध्यक्ष ने आयशा पर जहां राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाया है, वहीं कुछ भाजपा नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। नेताओं का कहना है कि उसपर झूठे आरोप लगाए गए हैं। 

विज्ञापन
BJP Leaders Quit Over Sedition FIR Against Lakshadweep Filmmaker
आयशा सुल्ताना - फोटो : Instagram

विस्तार

लक्षद्वीप की रहने वाली फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल को जैविक हथियार करार देने के मामले में राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद भाजपा की राज्य इकाई में दो फाड़ की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ पार्टी अध्यक्ष ने आयशा पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाया है तो दूसरी ओर पार्टी के 15 नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है।

विज्ञापन


त्यागपत्र देने वाले नेताओं का कहना है कि आयशा सुल्ताना पर लगाए गए आरोप गलत और झूठे हैं। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने कहा कि वह आयशा सुल्तान के फैसले के साथ हैं। कावारत्ती पुलिस ने भाजपा लक्षद्वीप इकाई के प्रमुख सी अब्दुल खादर हाजी की शिकायत पर सुल्ताना के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। 
विज्ञापन


एक मलयालम टीवी समाचार चैनल पर डिबेट के दौरान आयशा सुल्ताना ने प्रशासक प्रफुल्ल पटेल के फैसलों पर द्वीप में कोविड मामलों को दोषी ठहराया और टिप्पणी की कि केंद्र ने लक्षद्वीप के खिलाफ "जैव-हथियार" का इस्तेमाल किया था। इसके बाद भाजपा केंद्रशासित प्रदेश अध्यक्ष ने राजद्रोह का केस दर्ज करवाया। भाजपा से इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने कहा कि सुल्ताना के खिलाफ हाजी के आरोप झूठे थे और उनका मकसद उनका और उनके परिवार के भविष्य को बर्बाद करना था। त्यागपत्र सौंपने वाले नेताओं ने यह भी कहा कि पूरी भाजपा इकाई प्रशासक पटेल की  लोकतांत्रिक विरोधी, जनविरोधी नीतियों से अवगत है। हम सब आयशा के विचार से सहमत हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा इकाई के भीतर प्रशासक पटेल के प्रस्तावों पर भारी आक्रोश
पार्टी से इस्तीफा देने वालों में भाजपा के राज्य सचिव अब्दुल हामिद मुल्लीपुरा, वक्फ बोर्ड के सदस्य उम्मुल कुलूस पुथियापुरा, खादी बोर्ड के सदस्य सैफुल्ला पक्कियोडा, चेतलाट इकाई के सचिव जाबिर सलीहथ मंजिल और पार्टी कार्यकर्ताओं  शामिल हैं। लक्षद्वीप में भाजपा इकाई के भीतर पटेल के प्रस्तावों पर भारी आक्रोश है ।


क्या है पूरा मामला
दरअसल, पिछले दिनों एक टीवी चैनल डिबेट के दौरान फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना ने कहा कि लक्षद्वीप में अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं था, लेकिन अब हर रोज 100 केस सामने आ रहे हैं। मैं स्पष्ट तौर से कह सकती हूं कि केंद्र सरकार ने बायो वेपन के तौर पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल की तैनाती की है। वह यहां पर अलोकतांत्रिक, जनविरोधी नीतियों को लागू कर रहे हैं, जिससे कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आयशा सुल्ताना के बयान के बाद भाजपा ने इसकी कड़ी आलोचना की और उसके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाया। वहीं केंद्रशासित प्रदेश की भाजपा इकाई के कई नेता इस कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। यहां तक कि एक दर्जन से ज्यादा नेताओं ने पार्टी भी छोड़ दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed