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झारखंड के सीएम रघुवर दास के खिलाफ दिल्ली में शुरू हुई सरयू राय की सियासी चहलकदमी
संजय मिश्र, नई दिल्ली
Updated Mon, 05 Feb 2018 09:56 PM IST
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सरयू राय
झारखंड भाजपा के कुछ नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ दिल्ली में सियासी चहलकदमी शुरू कर दी है। लेकिन भाजपा नेतृत्व की ओर से रघुवर विरोधी नेताओं को अभी भाव नहीं मिल रहा है। रघुवर दास के विरोधी माने-जाने वाले प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री सरयू राय ने दिल्ली पहुंचकर पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करने की कोशिश की। लेकिन सोमवार को उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी। मंगलवार को वह संसद परिषर में जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की कोशिश करेंगे।
बताया जा रहा है कि सरयू राय की नाराजगी से पहले प्रदेश के कुछ अन्य नेता भी प्रदेश प्रभारी से अपनी बात रख चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि सोमवार को राय ने सांसद सुनील सिंह के आवास पर पहुंचकर उनसे अपनी भावी रणनीति पर मंत्रणा की है। सुनील सिंह को भी रघुवर दास के विरोधी खेमे में माना जाता है। हालांकि सरयू राय ने दिल्ली आगमन को निजी यात्रा बताया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी बातें पहले ही पार्टी आलाकमान संग साझा कर चुके हैं। मंगलवार को वह संसद परिसर जाएंगे और वहां पर उपस्थित नेताओं से मुलाकात करेंगे।
संसदीय कार्य मंत्रालय छीने जाने से नाराज बताए जा रहे हैं राय
सूत्रों की मानें तो सरयू राय प्रदेश सरकार में अपना कद हल्का किए जाने से नाराज चल रहे हैं। वे अभी भी रघुवर सरकार में मंत्री हैं। मगर चंद दिनों पहले ही उनके हाथ से संसदीय कार्य मंत्रालय का विभाग चला गया। राय का कहना है कि बीते दो वर्षों से वह संसदीय कार्य मंत्री के पद से न्याय नहीं कर पा रहे थे। बिना चर्चा के ही विधानसभा में सरकार के बजट और कई बिल पारित हुए हैं। इसलिए उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री के पद से त्यागपत्र दिया है। जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार भी कर लिया है।
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मगर सूत्र बताते हैं कि रघुवर दास ने राय का कद हल्का करने के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय का विभाग लिया है। हालांकि राय को शुरू से ही रघुवर का विरोधी माना जाता रहा है। रघुवर के सामने राय भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे। प्रदेश की वर्तमान भाजपाईयों में उनकी वरिष्ठता और राजनीतिक जीवन सबसे लंबा है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने में नाकाम रहे थे। इसलिए भी उनका विरोध समय-समय पर उभरता रहता है। दिल्ली में उनकी वर्तमान चहलकदमी को भी पुराने राग से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि सरयू राय की नाराजगी से पहले प्रदेश के कुछ अन्य नेता भी प्रदेश प्रभारी से अपनी बात रख चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि सोमवार को राय ने सांसद सुनील सिंह के आवास पर पहुंचकर उनसे अपनी भावी रणनीति पर मंत्रणा की है। सुनील सिंह को भी रघुवर दास के विरोधी खेमे में माना जाता है। हालांकि सरयू राय ने दिल्ली आगमन को निजी यात्रा बताया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी बातें पहले ही पार्टी आलाकमान संग साझा कर चुके हैं। मंगलवार को वह संसद परिसर जाएंगे और वहां पर उपस्थित नेताओं से मुलाकात करेंगे।
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संसदीय कार्य मंत्रालय छीने जाने से नाराज बताए जा रहे हैं राय
सूत्रों की मानें तो सरयू राय प्रदेश सरकार में अपना कद हल्का किए जाने से नाराज चल रहे हैं। वे अभी भी रघुवर सरकार में मंत्री हैं। मगर चंद दिनों पहले ही उनके हाथ से संसदीय कार्य मंत्रालय का विभाग चला गया। राय का कहना है कि बीते दो वर्षों से वह संसदीय कार्य मंत्री के पद से न्याय नहीं कर पा रहे थे। बिना चर्चा के ही विधानसभा में सरकार के बजट और कई बिल पारित हुए हैं। इसलिए उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री के पद से त्यागपत्र दिया है। जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार भी कर लिया है।
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मगर सूत्र बताते हैं कि रघुवर दास ने राय का कद हल्का करने के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय का विभाग लिया है। हालांकि राय को शुरू से ही रघुवर का विरोधी माना जाता रहा है। रघुवर के सामने राय भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे। प्रदेश की वर्तमान भाजपाईयों में उनकी वरिष्ठता और राजनीतिक जीवन सबसे लंबा है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने में नाकाम रहे थे। इसलिए भी उनका विरोध समय-समय पर उभरता रहता है। दिल्ली में उनकी वर्तमान चहलकदमी को भी पुराने राग से ही जोड़कर देखा जा रहा है।