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आईएनएस विक्रांत हेराफेरी मामला: भाजपा नेता किरीट सोमैया से तीन घंटे तक पूछताछ, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से दी थी अंतरिम सुरक्षा

Mon, 18 Apr 2022 05:54 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Mon, 18 Apr 2022 05:54 PM IST
सार

भाजपा नेता सोमैया व उनके पुत्र नील सोमैया के खिलाफ 6 अप्रैल को ट्रॉम्बे पुलिस थाने में एक पूर्व सैन्यकर्मी की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

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BJP leader Kirit Somaiya appeared before Mumbai Police in connection with INS Vikrant funds misappropriation case
किरीट सोमैया - फोटो : पीटीआई

विस्तार

आईएनएस विक्रांत से जुड़े धोखाधड़ी मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सोमवार को भाजपा नेता किरीट सोमैया से तीन घंटे तक पूछताछ की। बताया जा रहा है कि  किरीट सोमैया सुबह 11 बजे दक्षिण मुंबई में स्थित पुलिस आयुक्त के दफ्तर पहुंचे। वह दो बजे के बाद आयुक्त कार्यालय से निकले। इस दौरान ईओडब्ल्यू ने उनके बयान दर्ज किए। जानकारी के मुताबिक, ईओडब्ल्यू सोमैया को पूछताछ के लिये दोबारा बुला सकती है। दरअसल, संबंधित मामले में आर्थिक अपराध शाखा की ओर से सोमैया व उनके बेटे को समन जारी कर तलब किया गया था। 

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इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईएनएस विक्रांत से जुड़े धोखाधड़ी मामले में भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी। इस दौरान कोर्ट ने यह भी कहा था कि, यदि सोमैया को गिरफ्तार किया जाता है तो उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जाए। कोर्ट उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर  28 अप्रैल को सुनवाई करेगी।
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सैन्यकर्मी की शिकायत पर दर्ज किया गया था केस
भाजपा नेता सोमैया व उनके पुत्र नील सोमैया के खिलाफ 6 अप्रैल को ट्रॉम्बे पुलिस थाने में एक पूर्व सैन्यकर्मी की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। सैन्यकर्मी ने दावा किया है कि किरीट सोमैया ने वर्ष 2013 नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विक्रांत के संरक्षण के लिए 57 करोड़ रुपये चंदा जुटाया था। यह राशि आरंभिक योजना के अनुसार राजभवन के कोष में जमा नहीं कराई गई। 
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बहुप्रचारित राजनीतिक मामला, 57 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया?
सोमैया के वकील अशोक मुंदरगी ने बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई में कहा कि यह राजनीतिक रूप से बहुप्रचारित मामला है। आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए पूर्व में कई अभियान चलाए गए थे। सोमैया ने भी मुंबई में चर्चगेट स्टेशन के पास चंदा अभियान चलाया था। दिसंबर 2013 को इस अभियान में चर्चगेट के पास 11,224 रुपये चंदा जुटाया गया था। कोई नहीं जानता कि 57 करोड़ रुपये का आंकड़ा कहां से आया। 


11 हजार के चंदे का क्या हुआ : हाईकोर्ट
जब कोर्ट ने यह पूछा कि क्या सोमैया जानते हैं कि 11 हजार रुपये के चंदे का क्या हुआ था? इस पर वकील ने कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं है। मुंदरगी ने कहा कि हमारे द्वारा जुटाई गई इस राशि को लेकर राज्यपाल को पत्र भेजा गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। यह पैसा किसी पार्टी कार्यकर्ता के पास या कहीं जमा होगा।

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