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राष्ट्रवाद पर आक्रामक रुख अपनाएगी भाजपा, विपक्ष के तेवर से लाभ की उम्मीद

Wed, 06 Mar 2019 10:36 PM IST
Gaurav Pandey अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Wed, 06 Mar 2019 10:36 PM IST
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BJP is going to take offensive phase on nationalism in Lok Sabha Election 2019

भारतीय जनता पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाएगी। इसके लिए सरकार के द्वारा सुरक्षा के मुद्दे पर लिए गए अब तक के निर्णयों को जनता के बीच मजबूती से उठाया जाएगा। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के भाषणों में इस समय लगातार देश की सुरक्षा के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। पार्टी का यह भी मानना है कि विपक्ष जिस तरह बालाकोट में हुए एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहा है, उससे उलटे भाजपा को ही लाभ मिलने की उम्मीद है। 

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भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा का आधार राष्ट्रवाद है। वह हमेशा से इन मुद्दों पर मुखर रही है। दुर्भाग्य से इस समय में पुलवामा जैसी आतंकी वारदात हुई है और मजबूरन सरकार को कड़ा कदम उठाना पड़ा है। इससे जनता में हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई है कि हम किसी आतंकी वारदात को चुपचाप सहन नहीं करेंगे। नेता के मुताबिक विपक्ष सेना के कदम पर जितना सवाल उठाएगा, पुलवामा में हुई आतंकी वारदात को ‘दुर्घटना’ बताएगा, उसकी विश्वसनीयता जनता के बीच उतनी ही कम होगी।
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भाजपा के एक अन्य नेता सुदेश वर्मा ने कहा कि विपक्ष कभी आतंकियों का बचाव करते दिखा है तो कभी देश के टुकड़े करने वाले नारे लगाने वालों के साथ खड़ा नजर आया है। ऐसे में जनता बहुत अच्छी तरह जानती है कि किस दल की प्रतिबद्धता क्या है। सुदेश वर्मा के मुताबिक आज तक का इतिहास बताता है कि जब बात देश की आती है, तब देश की जनता जाति-धर्म से ऊपर देश को महत्त्व देती है। इस बार भी ऐसा ही होगा।

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‘कांग्रेस का राष्ट्रवाद जनता में ज्यादा स्वीकार्य’

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा का राष्ट्रवाद जनता में स्वीकार्य नहीं है। पिछले पांच वर्षों में उसके हर काम को जनता में संदेह की नजर से देखा गया। केंद्र के हर काम पर जनता ने सवाल उठाया। सबने देखा कि भाजपा का राष्ट्रवाद कभी वर्ग विशेष को डराता है, तो कभी एक समाज विशेष को। अखिलेश प्रताप सिंह के मुताबिक, जबकि कांग्रेस का पूरा इतिहास ही राष्ट्रवाद से भरा हुआ है। आजादी के पूर्व से लेकर आज तक हमने देश के लिए जान दी है। राष्ट्र के लिए ही हमारे नेता शहीद हुए हैं। ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि भाजपा राष्ट्रवाद के मुद्दे को उठाकर बहुत लाभ लेने की स्थिति में रहेगी।


‘निभा रहे अपनी जिम्मेदारी’   

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रवाद किसी दल विशेष की प्रॉपर्टी नहीं है। केंद्र सरकार रोजगार, शिक्षा और विकास जैसे हर मोर्चे पर फेल रही है, इसलिए वह सेना के पराक्रम के सहारे अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम जनता को सच बताएं और हम वही कर रहे हैं। इसका राजनीतिक लाभ या नुकसान क्या होगा, यह एक अलग विषय है।

‘अगर हम खामोश रहे, तो जनता उनपर यकीन कर लेगी’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा कि सबसे पहले तो यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि विपक्ष का एक भी सवाल सेना या उसके पराक्रम पर नहीं है। हमें अपनी सेना पर नाज है। लेकिन जब सेना ने बालाकोट में मृतकों की संख्या नहीं बताई, तब अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को हमलों में मारे गए लोगों की संख्या कैसे पता चल गई, इस बात का जवाब देश को दिया जाना चाहिए। 

राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा नेता इस मुद्दे पर लगातार देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर सही समय पर हमने सवाल नहीं उठाया तो जनता उन्हीं बातों को सच मान लेगी। ऐसे में हम देश की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और इन बातों को राजनीतिक लाभ या हानि के हिसाब से नहीं देखा जाना चाहिए।

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