महाराष्ट्र में किसानों के साथ खिलवाड़ कर रही है भाजपा सरकार
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महाराष्ट्र में किसानों की कर्ज माफी को लेकर भाजपा नीत राज्य सरकार खिलवाड़ कर रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौह्वाण ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने किसानों का एक भी रुपये का कर्ज तो माफ नहीं किया, ऊपर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे राष्ट्रीयकृत बैंक के आंकड़ों पर ही सवाल उठा दिया है।
पृथ्वीराज चौह्वाण ने कहा कि जिस तरह से यह मामला आगे बढ़ रहा है, उससे एक घोटाले की बू आ रही है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। चौह्वाण ने कहा कि मई -जून 2017 में किसान अपनी बदहाल स्थिति को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान म.प्र. में किसानों के प्रदर्शन पर फायरिंग हुई और उनकी जाने गई। इसके बाद 24 जून को महाराष्ट्र की फणनवीश सरकार ने 89 लाख किसानों के 34 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफी की घोषणा की थी।
लेकिन अभी तक राज्य सरकार ने इस दिशा में किसानों का एक रुपया का कर्ज भी माफ नहीं किया है। उल्टे राज्य सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंक और सहकारी बैंक द्वारा किसानों के कर्ज के संदर्भ में दिए गए आंकड़ो को ही झुठला दिया। खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्रम में लाख हजार फर्जी खातें सामने आए हैं।
6 लाख खाता केवल यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के हैं। चौह्वाण का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में उन्हें दाल में कुछ काला नजर आ रहा है। चौह्वाण ने कहा कि इस प्रकरण में राज्य सरकार ने अपनी आईटी विभाग की सेक्रेटरी को भी उनके पद से हटा दिया है। इसलिए इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए।
यशवंत सिन्हा बने भाजपा के गले की फांस
पूर्व वित्तमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भाजपा के गले की फांस बन गए हैं। वह महाराष्ट्र के अकोला में कुछ एनजीओ के साथ किसानों का मुद्दा उठा रहे हैं। कल यशवंत सिन्हा गिरफ्तार कर लिए गए थे।
आज फिर वह 200-250 किसानों के साथ कमिश्नर के यहां धरने पर बैठे हैं। इसको लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा को घेर रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौह्वाण ने भी कहा कि भाजपा हमारे सवालों का तो जवाब नहीं देती।
अब उसके ही नेता जब मुद्दा उठा रहे हैं, सवाल खड़े कर रहे हैं तो सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लेकिन सरकार तानाशाही भरा रवैया अपनाकर अपने ही नेता की आवाज दबाने में लगी है। चौह्वाण ने आरोप लगाया कि यह सब केन्द्र सरकार के इशारे पर हो रहा है। भाजपा अपने ही वरिष्ठ नेता की आवाज को कुंद करने में लग गई है।