BJP General Secretaries meet: नड्डा करेंगे महासचिवों से मुलाकात, कार्यकारिणी की बैठक से पहले बनेगी ये रणनीति
BJP General Secretaries meet: भाजपा सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक (16-17 जनवरी) में पार्टी संगठन में विस्तार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के नए नामों पर मुहर लग सकती है...
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) 10 जनवरी को पार्टी के महासचिवों (BJP General Secretaries meet) के साथ एक विशेष बैठक करेंगे। बैठक में कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने और पार्टी की अगली रणनीति बनाए जाने की संभावना है। इसमें दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक, इस साल नौ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर विभिन्न नेताओं को जिम्मेदारी दिए जाने और 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति बनाने पर चर्चा हो सकती है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पूर्व होने वाली इस बैठक को संगठनात्मक तैयारियों की दृष्टि से बेहद महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक (16-17 जनवरी) में पार्टी संगठन में विस्तार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के नए नामों पर मुहर लग सकती है। साथ ही इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। इस बैठक में नड्डा के साथ महासचिव संगठन बीएल संतोष समेत अन्य महासचिव शामिल होंगे। भाजपा महासचिवों की सूची में अरुण सिंह, तरुण चुघ, सीटी रवि, विनोद तावड़े, सुनील बंसल, दिलीप सैकिया, डी पुरंदेश्वरी और कैलाश विजयवर्गीय शामिल हैं।
पार्टी इस बार दक्षिण भारत के राज्यों में अपना विस्तार करने की रणनीति बना रही है। कर्नाटक में पार्टी पहले ही काफी मजबूत स्थिति में है, जबकि तेलंगाना को वह अपने लिए सबसे ज्यादा उपजाऊ मानकर चल रही है। इसके अलावा आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी पार्टी विशेष रणनीति के अंतर्गत अधिक सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
नड्डा का कार्यकाल बढ़ेगा
जेपी नड्डा का तीन साल का कार्यकाल इसी महीने 20 तारीख को पूरा हो रहा है। पार्टी संविधान के मुताबिक इसके बाद पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाना चाहिए। लेकिन इसी साल नौ प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसमें कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक और तेलंगाना शामिल हैं। माना जा रहा है कि पार्टी ऐसे महत्त्वपूर्ण समय में संगठन में बदलाव करने से बचेगी। चूंकि, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पार्टी के लिए काफी अच्छा साबित हुआ है। माना जा रहा है कि उन्हें कार्यकाल में विस्तार मिल सकता है। इसकी पुष्टि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की होने वाली बैठक में की जा सकती है।