राजेश भारद्वाज सहित भाजपा से पांच नेता निष्कासित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे के सत्ताधारी दल भाजपा ने अब अपने बागियों और अंदरखाने विरोध करने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में अपने जिले में बुधवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता राजेश भारद्वाज सहित पांच नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
यह कार्रवाई प्रदेश नेतृत्व के स्तर से की गई है और जिलाध्यक्ष को इस कार्रवाई से अवगत करा दिया है। जिन नेताओं पर कार्रवाई की गई है, उनमें तीन टिकट न मिलने पर बागी के रूप में या दूसरे दलों से चुनाव लड़े थे।
पार्टी जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कभी अतरौली से भाजपा से विधायकी का चुनाव लड़े राजेश भारद्वाज के अलावा अतरौली के ही जिला मंत्री रहे अतुल गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष रहे बरौली के केशव सिंह, कार्यकर्ता नीरज शर्मा व छर्रा से हेमंत चौहान को पार्टी से निकाला गया है।
इनमें से राजेश भारद्वाज के विषय में बता दें कि उन्होंने पहले अतरौली और फिर कोल से टिकट मांगा था। टिकट न मिलने पर उन पर अतरौली में भाजपा के विरोध में प्रचार व काम करने का आरोप लगा था। इस संबंध में चुनावी दौर में ही पार्टी नेतृत्व से शिकायत हुई थी।
ब्राह्मण संगठनों ने किया निष्कासन का विरोध
इसी तरह छर्रा से टिकट न मिलने पर हेमंत चौहान ने निर्दलीय बागी के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी नेताओं व रामलाल आदि की मध्यस्थता पर पर्चा वापस ले लिया था। नीरज शर्मा व केशव सिंह भाजपा से टिकट के दावेदार थे। मगर टिकट न मिलने पर नीरज ने रालोद और केशव सिंह ने कांग्रेस से टिकट लेकर चुनाव लड़ा था।
इसी तरह अतरौली के रहने वाले जिला मंत्री रहे अतुल गुप्ता पर अतरौली में पार्टी विरोधी काम करने का आरोप चुनाव के दौरान लगा था। इन्हीं शिकायतों व पार्टी विरोधी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए पांचों को पार्टी से निकाला गया है। देर रात पार्टी जिलाध्यक्ष देवराज ने बताया कि उन्हें इन पांचों के निष्कासन के संबंध में प्रदेश नेतृत्व से सूचना मिल गई है। मगर अभी लिखित में मेल प्राप्त नहीं हुआ है।
राजेश भारद्वाज के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के विरोध में ब्राह्मण संगठन उतर आए हैं। देर रात जैसे ही खबर मिली तो ब्राह्मण महासभा के महानगर अध्यक्ष राकेश शर्मा ने विरोध दर्ज कराया। इसी तरह अन्य संगठनों की ओर से भी विरोध दर्ज कराया गया है। राजेश भारद्वाज, निष्कासित भाजपा नेता ने कहा, " मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा। पार्टी से निकाले जाने संबंधी सूचना मेरे पास नहीं है। यदि पार्टी ने ऐसा कोई निर्णय लिया है तो मैं शीर्ष नेताओं के समक्ष अपना पक्ष रखूंगा। दरअसल कुछ लोग मेरे बारे में गलत जानकारियां देकर ऐसा कराए होंगे।"