WB: संदेशखली में ED पर हुए हमले की NIA जांच कराने की मांग; राज्यपाल ने जताई चिंता, कहा- अगर सरकार विफल...
ईडी की टीम पर तृणमूल नेता शाहजहां शेख के आवास के पास हमला किया गया। इस दौरान 200 से अधिक लोगों ने टीम के अधिकारियों और केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों को घेर लिया था। इसी मामले में भाजपा ने अब जांच की मांग की है।
विस्तार
पश्चिम बंगाल के संदेशखली में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम पर हमला किया गया। टीम पर तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां के समर्थकों ने हमला बोल दिया। इस दौरान बदमाशों ने उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की। इस मामले को लेकर अब एनआईए की जांच की मांग उठने लगी है। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने घटना पर चिंता जताई है।
शाह को लिखा पत्र
भाजपा अध्यक्ष डॉक्टर सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर एनआईए जांच की मांग की है।
In a letter to Union Home Minister Amit Shah, West Bengal BJP President Dr. Sukanta Majumdar demands NIA probe into the attack on the Enforcement Directorate team in Sandeshkhali today pic.twitter.com/A7alNf8UHD
— ANI (@ANI) January 5, 2024विज्ञापन
लोकतंत्र में बर्बरता को रोकना सरकार का कर्तव्य
वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा, 'यह एक भयावह घटना है। यह चिंताजनक और निंदनीय है। लोकतंत्र में बर्बरता को रोकना सरकार का कर्तव्य है। यदि कोई सरकार अपने मूल कर्तव्य में असफल रहती है, तो भारत का संविधान अपना काम करेगा। राज्यपाल के रूप में मैं उचित तरीके से उचित कार्रवाई के लिए अपने सभी सांविधानिक विकल्पों का पता लगाऊंगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल बनाना रिपब्लिक नहीं है और सरकार को लोकतंत्र में बर्बरता और गुंडागर्दी रोकनी चाहिए। बेहतर होगा कि सरकार अपनी आंखें खोले और वास्तविकता को देखे तथा प्रभावी ढंग से कार्य करे या परिणाम भुगते। आसपास की अराजकता न देखने का दिखावा करने वाली पुलिस को शुतुरमुर्ग का रवैया खत्म करना चाहिए।' उन्होंने इस मामले को लेकर गृह सचिव और डीजीपी को तलब किया है।
राज्य में लगाया जाए राष्ट्रपति शासन : भाजपा
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल राष्ट्रीय जांच अभिकरण (एनआईए) से मामले की जांच कराने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि संदेशखली में ईडी अधिकारियों पर हुए जघन्य हमले के बाद पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है और इसकी वजह तृणमूल कांग्रेस है। उन्होंने जांच प्रक्रियाओं की सुचिता को बरकरार रखने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का भी अनुरोध किया है।
ईडी अधिकारी आज घायल हुए हैं, कल हत्या भी हो सकती है : अधीररंजन चौधरी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीररंजन चौधरी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था का अस्तित्व समाप्त हो गया है। हमारी मांग है कि पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि आज ईडी अधिकारी हमले में घायल हुए हैं, कल उनकी हत्या भी की जा सकती है। मेरे लिए ऐसी बात कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।
संदेशखली में हमले के लिए भाजपा जिम्मेदार : तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि संदेशखली की घटना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन भाजपा के आदेश पर केंद्रीय एजेंसियां और केंद्रीय बल तृणमूल को अपमानित करने के नाम पर विभिन्न इलाकों में जाकर तलाशी अभियान चलाती हैं। भाजपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था कई अन्य राज्यों से कहीं बेहतर है। राज्यपाल पूरे प्रकरण पर निष्पक्ष तरीके से विचार करने के बजाय सीधे नतीजे निकाल रहे हैं। उन्हें भाजपा नेता की तरह काम नहीं करना चाहिए।
ईडी के अधिकारियों ने लोगों को उकसाया : शशि पांजा
ममता सरकार में मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को उकसाया जिसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई। केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने संघीय ढांचे पर हमले की बात कही। राज्य का बकाया रोकना सही मायनों में संघीय ढांचे पर हमला है।यह है मामला
ईडी के अधिकारी राशन वितरण घोटाले की जांच के संबंध में शाहजहां के उत्तर 24 परगना जिला स्थित आवास पर छापा मारने पहुंचे थे। एक अधिकारी ने बताया कि ईडी के अधिकारी राज्य में 15 स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं और शेख का आवास उनमें से एक है। वहीं, राशन घोटाला मामले में ईडी ने बनगांव में पूर्व बनगांव नगर पालिका अध्यक्ष शंकर आध्या के आवास पर भी छापेमारी की।
अधिकारी ने बताया कि जब ईडी अधिकारी सुबह संदेशखली इलाके में शेख के आवास पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने ईडी अधिकारियों और उनके साथ आए केंद्रीय बलों के जवानों को घेर लिया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन किया और फिर उन पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टीम को वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया। शाहजहां को राज्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का करीबी सहयोगी माना जाता है। ज्योतिप्रिय मल्लिक को करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
वाहनों में भी तोड़फोड़ की
ईडी की टीम पर तृणमूल नेता शाहजहां शेख के आवास के पास हमला किया गया। इस दौरान 200 से अधिक लोगों ने टीम के अधिकारियों और केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों को घेर लिया। भीड़ ने सरकारी अधिकारियों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की। हमले के बाद अधिकारियों को भागना पड़ा। इस दौरान भीड़ ने मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया। उनके फोन छीन लिए गए। इस घटना में कई ईडी अधिकारी जख्मी हो गए। कईयों के सिर फट गए हैं। घायलों को स्थानीय कैनिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।