फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP decided to remove Subhendu Adhikari from old seat in front of Mamta Banerjee in Bengal elections

बंगाल चुनाव: भाजपा ने ममता बनर्जी के सामने शुभेंदु अधिकारी को पुरानी सीट से उतारने का किया फैसला

Thu, 21 Jan 2021 04:08 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 21 Jan 2021 04:08 AM IST
विज्ञापन
BJP decided to remove Subhendu Adhikari from old seat in front of Mamta Banerjee in Bengal elections
शुभेंदु अधिकारी - फोटो : ANI

पश्चिम बंगाल में वाम दलों की सत्ता का अंत करने की सबसे बड़ी वजह बना नंदीग्राम आगामी विधानसभा चुनाव में फिर से सर्वाधिक चर्चा का केंद्र रहेगा। दरअसल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भाजपा ने भी शुभेंदु अधिकारी को उनकी इसी पुरानी सीट से उतारने का फैसला किया है। नंदीग्राम और सिंगूर आंदोलन के शिल्पकार रहे शुभेंदु ने हाल ही में टीएमसी को छोड़ भाजपा का दामन थामा है।

विज्ञापन


बंगाल चुनाव में नंदीग्राम होगी सबसे हॉट सीट
भाजपा ममता को सिंगूर के अलावा भवानीपुर सीट पर भी घेरने की योजना बना रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भवानीपुर में भी ममता के खिलाफ पार्टी किसी दमदार प्रत्याशी की तलाश में है। पार्टी की रणनीति ममता के खिलाफ कद्दावर नेताओं को उतार कर उन्हें उनकी सीट पर ही घेरने की है। पार्टी इस योजना के जरिए ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार को प्रभावित करना चाहती है।
विज्ञापन


शुभेंदु अधिकारी  ही क्यों?
ममता की नंदीग्राम से चुनाव लड़ने के एलान के बाद भाजपा में इस सीट को ले कर ऊहापोह की स्थिति थी। दरअसल पार्टी पहले इस सीट को शुभेंदु के लिए पूरी तरह से सुरक्षित मान रही थी। पार्टी की योजना शुभेंदु से मिदनापुर सहित उनके प्रभाव वाले इलाकों में जम कर चुनाव प्रचार कराने की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि ममता की चुनौती के बाद अब इस सीट पर कांटे की टक्कर होगी। लंबे विमर्श के बाद भाजपा ने इस सीट से शुभेंदु को ही उतारने का फैसला किया। रणनीतिकारों का कहना है कि कांटे की टक्कर हुई तो ममता को भी प्रचार के लिए कम वक्त मिलेगा।

नंदीग्राम ने हिलाया था वाम मोर्चे का किला
नंदीग्राम ने ही करीब एक दशक पहले पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा के करीब तीन दशक पुराने किले को ढहाने में अहम भूमिका निभाई थी। दरअसल साल 2007 में नंदीग्राम सेज परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई थी।


तब शुभेंदु और ममता के नेतृत्व में टीएमसी ने राज्य की बुद्धदेव सरकार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। इसके चार साल बाद हुए चुनाव में राज्य से वाम मोर्चा सरकार की विदाई हो गई। अब एक दशक बाद इस आंदोलन के दोनों शिल्पकार ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी एक दूसरे के आमने-सामने होंगे। इस कारण नंदीग्राम एक बार फिर निर्णायक भूमिका में दिखेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed