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BJP vs Rahul: राहुल गांधी के 'जी हुजूर' पर भाजपा का पलटवार, कहा- बेहद घटिया बयान, उनमें परिपक्वता का अभाव
Wed, 04 Jun 2025 12:21 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 04 Jun 2025 12:21 PM IST
सार
राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में ऑपरेशन सिंदूर व पीएम मोदी को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर जी हुजूर करके सीजफायर कर दिया। उनके इस बयान पर भाजपा ने पलटवार किया।
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सुधांशु त्रिवेदी
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
विस्तार
भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जमकर सियासी वार-पलटवार भी हो रहा है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। सुधांशु ने कांग्रेस नेता के बयान को घटिया बताया और कहा कि उनमें अभी परिपक्वता का अभाव है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में पार्टी सम्मेलन के दौरान कहा कि भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष के समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इशारा किया और प्रधानमंत्री मोदी ने जी हुजूर... करके सीजफायर कर दिया।
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ये भी पढ़ें: राहुल पर भाजपा का हमला: ऑपरेशन सिंदूर पर दिए बयान को बताया देश का अपमान, चीन-पाकिस्तान का एजेंट होने का आरोप
कांग्रेस के कारण हिंदुस्तान के कैलेंडर में सरेंडर भरे पड़े
भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी जी ये जान लीजिए कि आप, आपकी पार्टी और आपका खानदान के कारनामे आजाद हिंदुस्तान के कैलेंडरों में सरेंडर से भरे पड़े हैं। सरेंडर कांग्रेस ने किया होगा, मगर भारत किसी के सामने सरेंडर नहीं हो सकता। हम विश्व की एक मात्र ऐसी सभ्यता हैं जो हजारों सालों के आक्रमणों के बाद भी जीवंत है, जिसे आप मानने का तैयार नहीं है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मां के शेर की तरह हैं, अर्थात हमारे नरेंद्र भारत मां के मृगेंद्र हैं।
26/11 और पीओके देना आत्मसमर्पण था
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान सरेंडर के कुछ वास्तविक उदाहरण साझा करना चाहता हूं। 15 जुलाई 2011 को राहुल गांधी ने कहा कि आतंकवाद को पूरी तरह से नियंत्रित करना असंभव है। यह आत्मसमर्पण था। 26/11 के मुंबई हमलों के बाद यूपीए सरकार ने कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावित नहीं होगी। यह भी आत्मसमर्पण था। 1971 में, एक निर्णायक सैन्य जीत और 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बाद यूपीए नेतृत्व ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को क्यों आत्मसमर्पण कर दिया?
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भाजपा और कांग्रेस के बीच सैनिकों की कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही को लेकर जुबानी जंग जारी है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "स्वघोषित, स्वयंभू, सर्वोच्च नेता, विपक्ष के नेता राहुल गांधी बेहद घटिया, निम्न-स्तरीय बयान देकर दुनिया को बता रहे हैं कि विपक्ष का नेता बनने के बाद भी उनमें गंभीरता और परिपक्वता की कमी है, जो इस पद के लिए जरूरी है। जिस तरह से राहुल गांधी ने हमारे सशस्त्र बलों की वीरता और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सेना अधिकारियों के ब्रीफिंग की तुलना आत्मसमर्पण से की, उससे पता चलता है कि उनकी मानसिकता कितनी बीमार और खतरनाक हो गई है।#WATCH | Delhi | On Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi's statement, BJP MP Sudhanshu Trivedi says, "By making extremely cheap, low-level statements, the self-proclaimed, self-styled, supreme leader, the leader of opposition, Rahul Gandhi, is telling the world that even… pic.twitter.com/GQmjiRGk7P
— ANI (@ANI) June 4, 2025विज्ञापन
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कांग्रेस के कारण हिंदुस्तान के कैलेंडर में सरेंडर भरे पड़े
भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी जी ये जान लीजिए कि आप, आपकी पार्टी और आपका खानदान के कारनामे आजाद हिंदुस्तान के कैलेंडरों में सरेंडर से भरे पड़े हैं। सरेंडर कांग्रेस ने किया होगा, मगर भारत किसी के सामने सरेंडर नहीं हो सकता। हम विश्व की एक मात्र ऐसी सभ्यता हैं जो हजारों सालों के आक्रमणों के बाद भी जीवंत है, जिसे आप मानने का तैयार नहीं है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मां के शेर की तरह हैं, अर्थात हमारे नरेंद्र भारत मां के मृगेंद्र हैं।
26/11 और पीओके देना आत्मसमर्पण था
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान सरेंडर के कुछ वास्तविक उदाहरण साझा करना चाहता हूं। 15 जुलाई 2011 को राहुल गांधी ने कहा कि आतंकवाद को पूरी तरह से नियंत्रित करना असंभव है। यह आत्मसमर्पण था। 26/11 के मुंबई हमलों के बाद यूपीए सरकार ने कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावित नहीं होगी। यह भी आत्मसमर्पण था। 1971 में, एक निर्णायक सैन्य जीत और 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बाद यूपीए नेतृत्व ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को क्यों आत्मसमर्पण कर दिया?
सेना के बलिदान का अपमान
भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की घोषणा की थी, भाजपा नेताओं या उनके प्रवक्ताओं ने नहीं। जिस तरह से राहुल गांधी ने सशस्त्र बलों की सफलता की तुलना 'आत्मसमर्पण' से की, वह उनके पराक्रम और बलिदान का स्पष्ट अपमान है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं कि असली आत्मसमर्पण कैसा होता है। दो साल पहले, राहुल गांधी ने सवाल किया था कि यूरोप और अमेरिका में लोकतंत्र के रक्षक चुप क्यों हैं और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहे हैं। यह आत्मसमर्पण था।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुखों ने भी नहीं बोला। पाकिस्तान के किसी आतंकवादी संगठन ने भी नहीं बोला, मौलाना मसूद आतंकी संगठन ने भी नहीं बोला, सईद ने भी नहीं बोला। किसी ने ये शब्द नहीं बोला है कि भारत ने सरेंडर किया है। राहुल गांधी ने जिस प्रकार से हमारी सेना द्वारा दिखाए गए अप्रतिम शौर्य और सेना के अधिकारियों द्वारा जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का विवरण दिया है, उसकी सरेंडर से तुलना करना, ये दर्शाता है कि इनकी मानसिकता कितनी रोगी और कितनी खतरनाक हो चुकी है।
ये भी पढ़ें: पत्रकारों से मारपीट किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मध्य प्रदेश सरकार को जारी किया नोटिस
निशिकांत दुबे ने भी राहुल को घेरा
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरेंडर जानते हो राहुल बाबा, सरेंडर इसको कहते हैं। उन्होंने कहा कि आपके नाना यानि आयरन लेडी के पिता नेहरु जी का यह पत्र है जनवरी 1963 का भारत के चीन युद्ध के हारने के बाद का। घिघिया कर नेहरु जी चीन के प्रधानमंत्री को लिखे कि आपने भारत का पूर्व क्षेत्र में 20 हजार किलोमीटर और पश्चिम में 6 हजार किलोमीटर कब्जा कर लिया है। आपने हमारे चार हजार सैनिकों को बंधक बना लिया है, फिर भी हमने श्रीलंका के प्रधानमंत्री को अपना नेता बनाकर आपके पास आत्मसमर्पण के लिए भेजा है, आपके आदेश की प्रतीक्षा में -जवाहरलाल नेहरु।
कांग्रेस पार्टी कभी सरेंडर नहीं होती: राहुल
राहुल गांधी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश में पार्टी सम्मेलन के दौरान कहा था कि भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष के समय प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन कॉल के बाद समर्पण कर दिया था। भाजपा और आरएसएस पर जरा सा दबाव पड़ता है और ये पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा था कि भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था। उन्होंने कहा कि 1971 की लड़ाई में इंदिरा गांधी को जो करना था वो उन्होंने किया। कांग्रेस पार्टी सरेंडर नहीं होती है। गांधी जी, जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल सरेंडर करने वाले लोग नहीं थे। ये सुपर पॉवर से लड़ने वाले लोग थे।
भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की घोषणा की थी, भाजपा नेताओं या उनके प्रवक्ताओं ने नहीं। जिस तरह से राहुल गांधी ने सशस्त्र बलों की सफलता की तुलना 'आत्मसमर्पण' से की, वह उनके पराक्रम और बलिदान का स्पष्ट अपमान है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं कि असली आत्मसमर्पण कैसा होता है। दो साल पहले, राहुल गांधी ने सवाल किया था कि यूरोप और अमेरिका में लोकतंत्र के रक्षक चुप क्यों हैं और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहे हैं। यह आत्मसमर्पण था।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुखों ने भी नहीं बोला। पाकिस्तान के किसी आतंकवादी संगठन ने भी नहीं बोला, मौलाना मसूद आतंकी संगठन ने भी नहीं बोला, सईद ने भी नहीं बोला। किसी ने ये शब्द नहीं बोला है कि भारत ने सरेंडर किया है। राहुल गांधी ने जिस प्रकार से हमारी सेना द्वारा दिखाए गए अप्रतिम शौर्य और सेना के अधिकारियों द्वारा जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का विवरण दिया है, उसकी सरेंडर से तुलना करना, ये दर्शाता है कि इनकी मानसिकता कितनी रोगी और कितनी खतरनाक हो चुकी है।
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निशिकांत दुबे ने भी राहुल को घेरा
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरेंडर जानते हो राहुल बाबा, सरेंडर इसको कहते हैं। उन्होंने कहा कि आपके नाना यानि आयरन लेडी के पिता नेहरु जी का यह पत्र है जनवरी 1963 का भारत के चीन युद्ध के हारने के बाद का। घिघिया कर नेहरु जी चीन के प्रधानमंत्री को लिखे कि आपने भारत का पूर्व क्षेत्र में 20 हजार किलोमीटर और पश्चिम में 6 हजार किलोमीटर कब्जा कर लिया है। आपने हमारे चार हजार सैनिकों को बंधक बना लिया है, फिर भी हमने श्रीलंका के प्रधानमंत्री को अपना नेता बनाकर आपके पास आत्मसमर्पण के लिए भेजा है, आपके आदेश की प्रतीक्षा में -जवाहरलाल नेहरु।
कांग्रेस पार्टी कभी सरेंडर नहीं होती: राहुल
राहुल गांधी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश में पार्टी सम्मेलन के दौरान कहा था कि भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष के समय प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन कॉल के बाद समर्पण कर दिया था। भाजपा और आरएसएस पर जरा सा दबाव पड़ता है और ये पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा था कि भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था। उन्होंने कहा कि 1971 की लड़ाई में इंदिरा गांधी को जो करना था वो उन्होंने किया। कांग्रेस पार्टी सरेंडर नहीं होती है। गांधी जी, जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल सरेंडर करने वाले लोग नहीं थे। ये सुपर पॉवर से लड़ने वाले लोग थे।