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मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में भाजपा-कांग्रेस के बड़े वादे- सिर्फ 3 कार्ड में
Sat, 01 Dec 2018 07:08 PM IST
Trainee Trainee
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 01 Dec 2018 07:08 PM IST
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भाजपा-कांग्रेस ने जनता से किए तमाम वादे
- फोटो : Amar Ujala
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मध्यप्रदेश हो या छत्तीसगढ़ या फिर राजस्थान। भाजपा और कांग्रेस ने वादों का पिटारा खोल दिया है। जिसमें से भांति-भांति के वादे निकालकर उछाले जा रहे हैं।
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जनता से वादे तो खूब किए गए हैं। अब देखना होगा लोगों को किसके वादों में दिखता है कितना दम। तेलंगाना और मिजोरम के साथ तीनों राज्यों के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।
(ग्राफिक्स-रोहित झा)
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राजस्थान
भाजपा और कांग्रेस के घोषणापत्रों में जिस चीज की सबसे ज्यादा चर्चा हुई वो है बेरोजगारों के लिए भत्ता। जहां भाजपा ने हर महीने 5 हजार के भत्ते की बात की है वहीं कांग्रेस के घोषणापत्र में साढ़े तीन हजार के बेरोजगारी भत्ते का वादा है। कांग्रेस ने शहरी रोजगार गारंटी कानून लाने का वादा किया है तो भाजपा ने हर साल तीस हजार सरकारी नौकरियों का।
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मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौथी बार सरकार बनाने की फिराक में हैं तो कांग्रेस उनका विजय रथ रोकने की। शायद यही वजह है कि दोनों पार्टियों ने किसानों, युवाओं, महिलाओं को लुभाने की खूब कोशिश की है। कांग्रेस ने तो 75 हजार 800 करोड़ के कृषि ऋण को माफी का एलान कर दिया है। भाजपा ने छोटे और सीमान्त किसानों के खाते में बोनस का पैसा सीधे देने का वादा किया है।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के कई वादों में समानता देखी गई। दोनों के ही घोषणापत्रों में किसानों, पत्रकारों और युवाओं को लेकर वादों की भरमार है।
जनता से वादे तो खूब किए गए हैं। अब देखना होगा लोगों को किसके वादों में दिखता है कितना दम। तेलंगाना और मिजोरम के साथ तीनों राज्यों के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।
(ग्राफिक्स-रोहित झा)