{"_id":"69947be70626c16db507430e","slug":"bjp-big-move-ahead-of-bengal-elections-daughter-of-former-nsg-commando-and-former-minister-joins-party-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज, भाजपा में शामिल हुए ये बड़े नाम; जानें सबकुछ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज, भाजपा में शामिल हुए ये बड़े नाम; जानें सबकुछ
Tue, 17 Feb 2026 08:05 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 17 Feb 2026 08:05 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भाजपा ने कोलकाता में पूर्व एनएसजी कमांडर दीपांजन चक्रवर्ती और पूर्व मंत्री की बेटी कस्तूरी गोस्वामी समेत कई दिग्गजों को पार्टी में शामिल किया। भाजपा इसके जरिए अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। वहीं, टीएमसी ने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि इससे जमीनी समीकरणों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
भाजपा
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कई बड़े चेहरों को पार्टी के साथ जोड़ा है। मंगलवार को कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम हुआ। इसमें एक पूर्व एनएसजी कमांडो, एक रिटायर्ड सीआरपीएफ ऑफिसर और लेफ्ट फ्रंट के एक पूर्व मंत्री की बेटी शामिल हैं। भाजपा इस कदम को चुनाव से पहले अपनी एकजुटता मुहिम का हिस्सा मान रही है।
ये लोग भाजपा में हुए शामिल
इस कार्यक्रम में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में पूर्व एनएसजी कमांडर दीपांजन चक्रवर्ती शामिल हैं। वह बंगाली मीडिया चैनलों पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए काफी लोकप्रिय हैं। उनके साथ ही सीआरपीएफ के रिटायर्ड डीएसपी बिप्लब बिस्वास ने भी भाजपा की सदस्यता ली।
सबसे ज्यादा चर्चा कस्तूरी गोस्वामी के भाजपा में आने की हो रही है। वह दिवंगत पूर्व आरएसपी नेता और मंत्री क्षिति गोस्वामी की बेटी हैं। उनके परिवार का वामपंथी राजनीति से बहुत पुराना और गहरा रिश्ता रहा है। कस्तूरी की बहन वसुंधरा गोस्वामी पहले ही तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं और फिलहाल कोलकाता नगर निगम में पार्षद हैं। एक ही परिवार के सदस्यों का अलग-अलग विचारधारा वाली पार्टियों में जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: बंगाल में SIR पर सियासत जारी: CM ममता बोलीं- चुनाव आयोग बना 'तुगलकी आयोग', राजनीतिक पार्टी के इशारे पर काम रहा
राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है भाजपा
भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए अपनी सामाजिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी। उस समय 294 सीटों में से टीएमसी ने 213 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। अब भाजपा फिर से अपनी खोई हुई लय हासिल करने की कोशिश कर रही है। पार्टी की रणनीति सुरक्षा विशेषज्ञों, पूर्व नौकरशाहों और दूसरे दलों के नेताओं को साथ जोड़कर एक मजबूत गठबंधन बनाने की है।
क्या बोली तृणमूल कांग्रेस?
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन घटनाओं को चुनावी फायदा लेने की कोशिश बताकर खारिज कर दिया है। टीएमसी का कहना है कि किसी एक व्यक्ति के शामिल होने से जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं आता। उनके अनुसार, बंगाल में जन कल्याणकारी योजनाएं और स्थानीय नेटवर्क ही सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी कई बड़े चेहरे अलग-अलग पार्टियों में शामिल हो सकते हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
ये लोग भाजपा में हुए शामिल
इस कार्यक्रम में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में पूर्व एनएसजी कमांडर दीपांजन चक्रवर्ती शामिल हैं। वह बंगाली मीडिया चैनलों पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए काफी लोकप्रिय हैं। उनके साथ ही सीआरपीएफ के रिटायर्ड डीएसपी बिप्लब बिस्वास ने भी भाजपा की सदस्यता ली।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा चर्चा कस्तूरी गोस्वामी के भाजपा में आने की हो रही है। वह दिवंगत पूर्व आरएसपी नेता और मंत्री क्षिति गोस्वामी की बेटी हैं। उनके परिवार का वामपंथी राजनीति से बहुत पुराना और गहरा रिश्ता रहा है। कस्तूरी की बहन वसुंधरा गोस्वामी पहले ही तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं और फिलहाल कोलकाता नगर निगम में पार्षद हैं। एक ही परिवार के सदस्यों का अलग-अलग विचारधारा वाली पार्टियों में जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: बंगाल में SIR पर सियासत जारी: CM ममता बोलीं- चुनाव आयोग बना 'तुगलकी आयोग', राजनीतिक पार्टी के इशारे पर काम रहा
राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है भाजपा
भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए अपनी सामाजिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी। उस समय 294 सीटों में से टीएमसी ने 213 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। अब भाजपा फिर से अपनी खोई हुई लय हासिल करने की कोशिश कर रही है। पार्टी की रणनीति सुरक्षा विशेषज्ञों, पूर्व नौकरशाहों और दूसरे दलों के नेताओं को साथ जोड़कर एक मजबूत गठबंधन बनाने की है।
क्या बोली तृणमूल कांग्रेस?
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन घटनाओं को चुनावी फायदा लेने की कोशिश बताकर खारिज कर दिया है। टीएमसी का कहना है कि किसी एक व्यक्ति के शामिल होने से जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं आता। उनके अनुसार, बंगाल में जन कल्याणकारी योजनाएं और स्थानीय नेटवर्क ही सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी कई बड़े चेहरे अलग-अलग पार्टियों में शामिल हो सकते हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन