2012 में तख्तापलट की खबरों पर खुलासे के बाद हमलावर हुई भाजपा, कांग्रेस पर दागे पांच सवाल
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बुधवार को अंग्रेजी के एक अखबार में सेना के तख्तापलट को लेकर हुए खुलासे के बाद शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा। भाजपा ने यूपीए-2 के दौरान उड़ाई गई तख्तापलट की खबरों को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रूख अख्तियार कर लिया है। वर्तमान की सत्ताधारी पार्टी ने तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी पर गलत खबरें छपवाकर भारतीय सेना को बदनाम करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने प्रेसवार्ता में आरोपों की झड़ी लगाते हुए मनमोहन सरकार के चार मंत्रियों को कठघरे में खड़ा कर दिया। पार्टी ने इस पूरे मामले की संसदीय कमेटी से जांच की बात कहते हुए राहुल गांधी से जवाब मांगा है।
भाजपा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए भारतीय सेना के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार में रहकर न केवल भ्रष्टाचार किया बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया। गौरतलब है कि 2012 में तख्तापलट की खबर एक अखबार में छपी थी जिसके बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया था।
भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कहा कि यूपीए सरकार के चार वरिष्ठ मंत्रियों ने भारतीय सेना के खिलाफ खबरें प्लांट करवाई थी। उन्होंने देश की सेना के खिलाफ गलत खबरे छपवाने की साजिश रची थी। यह देश के साथ गद्दारी है। हमनें स्टैंडिंग कमिटी के अध्यक्ष से इसकी बैठक बुलाने की मांग की है। ताकि जांच की जा सके कि इस तरह की खबरों में कौन शामिल था और उसका मकसद क्या था। सेना के अधिकारियों को इस जांच में शामिल कर मकसद का पर्दाफाश करवाया जाए।
पार्टी ने दागे पांच सवाल
- क्या भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए आईएसआई या पाकिस्तानी आर्मी ने तो ऐसा नहीं किया?
- क्या किसी के कहने पर भारत की सेना को पाकिस्तान ने बदनाम तो नहीं किया?
- तख्तापलट की गलत स्टोरी के पीछे का मकसद क्या था?
- कहीं इस तरह की खबरों के पीछे गांधी परिवार खास तौर पर राहुल गांधी का हाथ तो नहीं था?
- कौन इस तरह की अफवाह फैला रहा था, कौन-कौन मंत्री इसमें शामिल थे?
बता दें कि मार्च 2010 से मई 2012 तक वर्तमान सरकार में विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह भारतीय सेना के प्रमुख थे। सिंह पर ही तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ तख्तापलट करने की कोशिश का आरोप लगा था।