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सोमनाथ पर सियायत: 'गजनी को धार्मिक उन्मादी नहीं, केवल...', नेहरू और वामपंथी इतिहासकारों पर BJP ने लगाए ये आरोप

Mon, 05 Jan 2026 04:26 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 05 Jan 2026 04:26 PM IST
सार

सोमनाथ मंदिर के पहले विध्वंस के एक हजार वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने कांग्रेस और वामपंथी इतिहासकारों पर इतिहास को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया। भाजपा का कहना है कि महमूद गजनी को केवल लुटेरा बताकर उसके धार्मिक उद्देश्य को छिपाया गया।

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BJP allegations on congress nehru left historians for distorted history by portraying Ghazni as mere plunderer
सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा सांसद - फोटो : ANI

विस्तार

सोमनाथ मंदिर के पहले विध्वंस के एक हजार वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा ने कांग्रेस और वामपंथी इतिहासकारों पर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि इस दिन को केवल याद करने के लिए नहीं, बल्कि यह समझने के लिए भी देखा जाना चाहिए कि किस तरह महमूद गजनी को एक साधारण लुटेरे के रूप में दिखाया गया और उसके धार्मिक उद्देश्य को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।

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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू और वामपंथी इतिहासकारों ने इतिहास को इस तरह पेश किया, जिससे महमूद गजनी को धार्मिक उन्मादी नहीं, बल्कि केवल धन कमाने वाला शासक बताया गया। भाजपा का आरोप है कि इससे देश की पहचान और सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ।
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सोमनाथ मंदिर की घटना का जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कि उस समय सोमनाथ मंदिर के पुजारियों और तत्कालीन राजा ने महमूद गजनी से शिवलिंग को न तोड़ने की अपील की थी। बदले में लाखों सोने के सिक्के देने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन महमूद गजनी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि वह व्यापार करने वाले व्यक्ति के बजाय “मूर्तिभंजक” के रूप में जाना चाहता है।
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वामपंथी सोच पर उठाए सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि महमूद गजनी के साथ आए एक इतिहासकार ने इस पूरी घटना का उल्लेख अपनी रचनाओं में किया है। उनके मुताबिक, यह तथ्य वामपंथी इतिहासकारों की उन सभी थ्योरियों को खारिज करता है, जिनमें कहा गया कि गजनी का उद्देश्य केवल धन लूटना था, न कि धार्मिक विध्वंस।


नेहरू की किताब पर आरोप
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ किताब में जवाहरलाल नेहरू ने महमूद गजनी को आस्था से अधिक योद्धा बताया। उन्होंने कहा कि नेहरू ने लिखा था कि गजनी  धर्म के नाम का इस्तेमाल केवल विजय और खजाने के लिए करता था। भाजपा का कहना है कि यही सोच बाद में इतिहास की किताबों में दोहराई गई और सच को दबा दिया गया।

पहचान और सम्मान की बात
भाजपा के अनुसार, यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि यह समझा जा सके कि भारत के इतिहास और आत्मसम्मान के साथ किस तरह भद्दा मजाक किया गया। पार्टी का कहना है कि अब समय आ गया है कि इतिहास को सही तथ्यों के साथ देश के सामने रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां सच्चाई जान सकें।

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