फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Birds getting injured by kite flying and by Chinese manjha on independence day

चाइनीज मांझे से परिंदों की जिंदगी की कट रही है डोर

Sat, 19 Aug 2017 04:54 PM IST
पूजा मेहरोत्रा
पूजा मेहरोत्रा Updated Sat, 19 Aug 2017 04:54 PM IST
विज्ञापन
Birds getting injured by kite flying and by Chinese  manjha on independence day
चिड़ियों का अस्पताल - फोटो : amarujala.com

मांझा पेंच लड़ाने पर सिर्फ पतंगे नहीं काटता है बल्कि पक्षियों से लेकर इंसान तक की गर्दन तक काट रहा है। कुछ ऐसे ही बेहाल हुए 15 अगस्त को दिल्ली के उन्मुक्त उड़ते सैंकड़ों पक्षी। अभी तक पतंगबाजी में घायल हुए पक्षियों का आंकड़ा 800 को पार कर चुका है। इनमें राष्ट्रीय पक्षी मोर भी शामिल है।

विज्ञापन


आजादी दिवस के दिन पक्षी भी उन्मुक्त आसमान में उड़ रहे थे कि अचानक एक डोर उसके कोमल गले को चीरती निकल गई। पक्षी छटपटाता चींचीं की आवाज करता सड़क पर था, कुछ पेड़ों पर, कुछ घरों की छत पर, कुछ पार्क में, कुछ तो शायद पता नहीं कहां अपनी जिंदगी की आखिरी सांस ले रहे होंगे। लेकिन कुछ पक्षी भाग्यशाली रहे कि उन्हें किसी ने घायल अवस्था में देखा और इलाज के लिए पक्षियों के अस्पताल तक पहुंचा दिया।
विज्ञापन


पुरानी दिल्ली के दिगम्बर जैन लाल मंदिर स्थित देश के इकलौते चैरिटी बर्ड्स हॉस्पिटल में 15 अगस्त के बाद महज तीन दिनों में 800 से अधिक पंक्षी को इलाज के लिए लाए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Birds getting injured by kite flying and by Chinese  manjha on independence day
पक्षियों का धर्मार्थ चिकित्सालय - फोटो : अमर उजाला. कॉम
अस्पताल के मैनेजर सुनील जैन बताते हैं कि महज तीन दिनों में पक्षियों के लाए जाने का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पक्षी पहले भी आते थे, लेकिन आंकड़ा काफी कम होता था और उनकी हालत इतनी खराब नहीं होती थी, लेकिन अब पतंगबाजी का शौक बढ़ रहा है और पक्षी ज्यादा घायल हो रहे हैं।

पतंगबाजी के शौक से हजारों बेजुबानों की जान की बाजी लग जाती है। चीन से आए नायलॉन के मांझे इतने धारदार होते हैं कि पलक झपकते ही ये मांझे ने पंक्षियों के डैने, गर्दन और पेट  तक को अपना शिकार बना लिया। चिड़िया, कबूतर, तोता, मैना, बाज, गिद्ध सहित न जाने कितने पंक्षियों को इस मांझे ने अपना शिकार बनाया है।

अस्पताल के मैनेजर सुनील जैन बताते हैं कि चिड़ियों का इलाज यहां बिल्कुल फ्री किया जाता है। कभी-कभी उनको परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। लोग घायल चिड़ियां लेकर आते हैं और इलाज के दौरान मौत हो जाने पर पुलिसिया कार्रवाई की धमकी देते हैं। हम धर्मार्थ में काम करते हैं, अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed